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राज्य में हर नवजात को अब जन्म के 1 घंटे में मां का दूध पिलाना जरूरी

3 वर्ष पहले
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प्रदेश में पहली बार राज्य स्तनपान नीति लागू

जयपुर| नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे 4 के अनुसार राजस्थान में बच्चे के जन्म के एक घंटे में मां के स्तनपान करवाने का प्रतिशत मात्र 28.4 है, वहीं जन्म के पहले छह माह तक 58.2 प्रतिशत है। इसमें सुधार के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने राज्य स्तनपान नीति का शुभारंभ किया। यह नीति शिशु को स्तनपान कराने के लिए परिवार, समुदाय, स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे लोगों को मार्गदर्शन देगी। सराफ ने बताया कि नीति शिशु स्वास्थ्य के प्रति अनुकूल साबित होगी। बच्चे को जन्म के एक घंटे में मां का दूध एवं 6 महीने तक केवल स्तनपान के संकल्प को आगे बढाने पर जोर दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं व धात्री माताओं को परामर्श और स्तनपान में सहयोग देने के लिए मां कार्यक्रम चलाया जा रहा है। साथ ही अधिक प्रसव वाले चिकित्सा संस्थानों में अमृत कक्ष भी हैं जहां शिशु को स्तनपान करवाया जाता है। स्वास्थ्य सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम नवीन जैन ने बताया कि मां का दूध बच्चों में दस्त और निमोनिया से सुरक्षा प्रदान करता है।

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