गऊ ग्रास जरूरी, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अन्न का सम्मान
गऊ ग्रास जरूरी, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है अन्न का सम्मान
जयपुर| पहली रोटी गाय की। आखिरी रोटी श्वान की। यह जयपुर की परंपरा है। हर घर से पहली और आखिरी रोटी निकलती ही है। यह रोटी फिलहाल गाय-श्वान मिले तो उन्हें खिला दी जाती है या सड़क किनारे कहीं रख दी जाती है। अब इस परंपरा में एक नई कड़ी जयपुर ने जोड़ दी है। अन्न के सम्मान की परंपरा। वार्ड 77 से पार्षद विजय सोनी ने इसकी शुरूआत की है। सड़क किनारे ऐसे रोटी बैंक बनाए हैं।