भारतीय पौराणिक कथाअों व कर्मा का महत्व जाना
विभिन्न एज ग्रुप के युवाओं ने भारतीय पौराणिक कथाओं, रीति-रिवाजों, अनुष्ठानों, प्रथाओं और कहानियों के बारे में जाना। मौका था बोध संस्थान की ओर से आयोजित बोध हमारे विश्वास के लिए आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण कार्यक्रम का।
पहले सत्र में हिंदू पौराणिक कथाओं की उत्पत्ति, त्रिमूर्ति की अवधारणा और कर्मा का महत्व जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इस मौके पर स्पीकर तरुण गुप्ता ने अध्यात्म पर किए रिसर्च के अनुभव शेयर किए। हम बहुत अच्छी तरह से धर्म के साथ जुड़े हुए हैं। यह हमारी जिंदगी, खान-पान और व्यवहार में शामिल है। वर्कशॉप के ऑर्गेनाइजर हिमाद्री शर्मा ने कहा कि युवाओं के बीच इस तरह की वर्कशॉप होती रहनी चाहिए चूंकि जितना हम अपनी पौराणिक कथाओं को समझते हैं उतना ही हम इससे जुड़ा महसूस करते हैं।
अब इस कार्यशाला को इसी नाम के साथ वेब सीरिज में बदलने की योजना है। जल्द ही ज्यादा से ज्यादा युवाओं के बीच इस कॉन्सेप्ट को वेब सीरीज के जरिए पहुंचाया जाएगा।