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सेहत के पैमाने पर प्रदेश के 10 जिले पिछड़े, नीति आयोग ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के टार्गेट

3 वर्ष पहले
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केन्द्र सरकार के नीति आयोग ने कंपोजिट हैल्थ इंडेक्स शिशु व मातृ मृत्यु दर, टीकाकरण व संस्थागत प्रसव आदि के खराब हालात पर राज्य के दस जिलों समेत देशभर में 256 जिलों की पहचान की है। राजस्थान के स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पिछड़े धौलपुर, जालौर, उदयपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, करौली, बांसवाड़ा, चित्तौडगढ़, सिरोही व भरतपुर जिलों को इसमें शामिल किया गया है। सेहत में पिछले जिलों की संख्या के लिहाज से देश में राजस्थान छठवें नंबर पर है। हालांकि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि पहले से न केवल शिशु-मातृ मृत्यु दर पर नियंत्रण बल्कि अन्य इंडेक्स में सुधार होने से बूंदी, राजसमंद व डूंगरपुर इस सूची से बाहर आ गए हैं। इनके स्थान पर अब जालौर, चित्तौडगढ़ व भरतपुर को जोड़ा गया है।

टार्गेट : नीति आयोग ने स्वास्थ्य सेवाओं में हालात सुधारने के लिए चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौजूदा व अगले वित्तीय वर्ष के लिए शिशु व मातृ मृत्यु दर, टोटल फर्टिलिटी रेट को कम करने के लिए टार्गेट दिया है।

जानिए... किस इंडिकेटर में कमी का क्या टारगेट है

इंडिकेटर 2018-19 2019-20

मातृ मृत्युदर 156 146

5 वर्ष से छाेटे शिशु मृत्युदर 39 37

शिशु मृत्युदर 34 31

नवजात मृत्युदर 24 23

खामियां : विशेषज्ञों के अनुसार चयनित दस जिलों में खामियों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, गर्भवती महिलाओं में खून की कमी, पूर्ण टीकाकरण नहीं, प्रसव घरों में ही होना तथा 24 घंटे सुविधा देने वाले संस्थानों की कमी प्रमुख हैं।

ये हैं राज्य और उनमें पिछड़े जिलों का आंकड़ा

राज्य का नाम जिलों की संख्या

1. यूपी 25

2. झारखंड, बिहार 20-20

3. छत्तीसगढ़, ओडीशा 13-13

4. महाराष्ट्र, असम 12-12

5. कर्नाटक, तमिलनाडु 11-11

6. राजस्थान, गुजरात 10-10

पूरे राज्य को देखें, तो स्थिति में सुधार

भले ही राज्य के दस जिले स्वास्थ्य सेवाओं के पैमाने पर पिछड़े हों, लेकिन एसआरएस 2004-06, 2014-2016 और एनएफएचएस (चार) के अनुसार सिर्फ राजस्थान में कुल मिलाकर मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी आई है। संस्थागत प्रसव और टीकाकरण का ग्राफ बढ़ा है।

इंडिकेटर 2005 2015 कमी या वृद्वि

मातृ मृत्यु दर 388 199 -144

शिशु मृत्यु दर 68 41 -27

टीएफआर 3.7 2.3 -1

संस्थागत प्रसव 32.2 84 +51.8

पूर्ण टीकाकरण 26.5 54.8 + 28.3

हाई प्रायोरिटी डिस्ट्रिक्ट के हैल्थ इंडेक्स में पहले से काफी सुधार हुआ है। सरकार की ओर से संचालित प्रोग्राम व योजनाओं से बूंदी, राजसमंद व डूंगरपुर जिलों में अच्छे परिणाम मिले हैं। केन्द्र सरकार ने हैल्थ इंडिकेटर में सुधार के लिए अब इन जिलों के स्थान पर जालौर, चित्तौडगढ़ व भरतपुर को शामिल किया है। एचपीडी में शामिल जिलों में शिशु व मातृ मृत्यु दर पर नियंत्रण करने, टीकाकरण व संस्थागत प्रसव को बढ़ाने समेत अन्य के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए है। -नवीन जैन, मिशन निदेशक, नेशनल हैल्थ मिशन

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