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डार्क जोन में अधूरी पत्रावलियों पर कृषि कनेक्शन देने की तैयारी कर ली, जांच में एईएन दोषी, निलंबित

3 वर्ष पहले
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डिस्कॉम एक बार फिर विवादों में है। पूर्व में जहां मिलीभगत से बिजली चोरों को ट्रांसफार्मर जारी किए तथा मीटर रीडिंग कम करके बिल राशि कम करने के मामले सामने आए थे वहीं अब स्पेशल श्रेणी की कृषि पत्रावलियों में गड़बड़ी सामने आई है। फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र में भूजल के प्रमाण पत्र के बिना ही कृष पत्रावलियां लेकर उनके डिमांड जारी कर कृषि कनेक्शन देने की तैयारी चल रही थी कि शिकायत होने पर हुई जांच में मामले का खुलासा हो गया।

इस मामले में प्रारंभिक जांच में एईएन रमेश बारूपाल दोषी पाए गए तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की जांच चल रही है और आगामी जांच में मामले का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है।

डिस्कॉम में फिर भ्रष्टाचार

फर्जी कृषि पत्रावलियां : 200 से अधिक, मिलीभगत : पैसे लेकर अधूरी फाइलें जमा कर ली

दोषी : अधिकारी व आवेदन करने वाले, जांच : चीफ इंजीनियर की कमेटी कर रही है जांच

एईएन को कनेक्शन जारी करने का अधिकार

कुछ दिन पहले ही डिस्कॉम के अधिकारियों को सूचना मिली कि फतेहगढ़ में अधूरी कृषि पत्रावलियों पर कनेक्शन जारी करने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि कृषि क्षेत्र में एईएन को कनेक्शन जारी करने का पूरा पॉवर है। उच्चाधिकारियों तक जब बात पहुंची तो चीफ इंजीनियर के निर्देशन में गठित टीम जैसलमेर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी पाई गई और एईएन रमेश बारूपाल को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

डार्क जोन के बावजूद भूजल का प्रमाण पत्र पत्रावलियों में नहीं लिया गया

मामले के अनुसार फतेहगढ़ एईएन कार्यालय में करीब 300 से अधिक स्पेशल कैटेगरी की कृषि पत्रावलियां जमा हुई है। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 200 से अधिक फाइलों में भूजल का प्रमाण पत्र नहीं लगा हुआ है। बावजूद इसके एईएन ने फाइलें ले ली और उसके बाद डिमांड नोटिस भी जारी करके राशि भी जमा करवा ली। इतना ही नहीं इन फर्जी पत्रावलियों पर कृषि कनेक्शन जारी करने की तैयारी भी चल रही थी।

फतेहगढ़ क्षेत्र डार्क जोन होने के बावजूद कृषि पत्रावलियों में बिना प्रमाण पत्र के जमा कर ली गई। डिमांड भी जारी हो गए और संबंधित ने राशि भी जमा करवा दी। इस संबंध में जब शिकायत मिली तो चीफ इंजीनियर कमेटी ने जांच की और प्रथम दृष्टया एईएन को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। मामले की जांच चल रही है और आगामी दिनों में पूरा खुलासा हो जाएगा। सी.एस. मीना, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम

बिना भू जल प्रमाण पत्र के एईएन ने डिमांड इश्यू कर राशि भी जमा करवा ली

पूर्व में भी मिलीभगत से डिस्कॉम को हुआ था नुकसान | फतेहगढ़ व चांधन क्षेत्र में पूर्व में भी भारी गड़बड़ी सामने आई थी। उस समय बिजली चोरों तक सरकारी ट्रांसफार्मर पहुंच गए थे और इतना ही नहीं कई मीटर रीडिंग में गड़बड़ी की जाकर कम बिल राशि के बिल दिए गए। खुलासा होने पर दो अधिकारी व दो कर्मचारियों पर गाजी गिरी थी।

पैसे लेकर कृषि कनेक्शन जारी करने की तैयारी

सूत्रों के अनुसार इस मामले में अधिकारी ने खुलेआम फतेहगढ़ क्षेत्र में धांधली शुरू कर दी। संबंधित लोगों को पता था कि उन्हें डार्क जोन की वजह से भूजल का प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। ऐसे में अधिकारी से मिलीभगत करके बिना प्रमाण पत्र के फाइलें जमा करवा दी और कृषि कनेक्शन देने की तैयारी चल रही थी। सूत्र बताते हैं कि एक फाइल पर हजारों रुपए की रिश्वत ली गई है।

2013 से है डार्क जोन, कलेक्टर की समिति से जारी होता है प्रमाण पत्र

गौरतलब है कि जैसलमेर जिले को भूजल के मामले में डार्क जोन घोषित किया हुआ है। 2013 के बाद से किसी भी नलकूप के लिए भूजल का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। यह प्रमाण पत्र कलेक्टर की अध्यक्षता में बनी कमेटी जारी करती है। इसकी अनिवार्यता होने के बावजूद फतेहगढ़ में ली गई कृषि पत्रावलियों में अधिकारी ने बिना प्रमाण पत्र की फाइलें ले ली।

आवेदन करने वालों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई | इस मामले में एईएन दोषी पाया गया है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो गई है। आशंका है कि आवेदन करने वालों की भी मिलीभगत है, ऐसे में उनके खिलाफ मामलेे दर्ज करवाए जा सकते हैं।

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