पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संघ राजस्थान के आह्वान पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांग पत्र से संबंधित ज्ञापन प्रस्तुत कर राज्य सरकार का ध्यानाकर्षण करवाया। मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष झब्बरसिंह राठौड़ ने बताया कि मनरेगा संघ द्वारा पिछले 18 दिन से लगातार जिला मुख्यालय पर धरना दिया जा रहा है लेकिन सरकार की ओर से संविदा कार्मिकों को नियमित करने के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।
पंचायती राज मंत्रालयिक संघ द्वारा संविदा कार्मिकों को यथा शीघ्र नियमितीकरण की कार्रवाई, संघ की मांगानुसार कैडर स्ट्रैन्थ रिव्यू करने, अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त मंत्रालयिक साथियों को टाइप टेस्ट से मुक्ति दिलाने, गृह जिले में स्थानांतरण के संबंध में नियमों में व्यवस्था करने सहित विभिन्न मांगे की गई। संगठन के प्रदेश मंत्री चंद्रवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदेश संगठन द्वारा आहुत चरणबद्घ कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार से मनरेगा योजना का पूर्ण बहिष्कार 21 मई से 23 मई तक जिला व ब्लाक स्तर पर कार्य बहिष्कार व 24 मई से अनिश्चितकालीन समस्त कार्यों का कार्य बहिष्कार तब तक किया जाएगा जब तक संपूर्ण मांगे नहीं मानी जाएगी। सरकार का असहयोगात्मक रवैया जारी रहा तो 11 जून को जयपुर कूच कर कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। ज्ञापन देते समय मनरेगा संघ के गिरधरसिंह, बांगे खां, धर्मपालसिंह, कमलसिंह, मुनीराज मीना, रामराज मीना, कमलेश कुमार, कैलाश सैन, श्रवणसिंह बईया, पन्नाराम तथा मंत्रालयिक संघ से मुरलीधर देवपाल, रूपकंवर शेखावत, चीमाराम, आलमाराम, राजीव टोडवाल, उम्मेदराज, महेंद्रसिंह भोपा, प्रेमाराम, खाखूराम, गेमरसिंह, मनोहरराम, गिरधारीराम, सुभाष सुथार, अशोक सुथार, किशोर बिस्सा, बाबूसिंह, योगेश, प्रकाश मेघवाल सहित कर्मचारी उपस्थित रहे।
जैसलमेर. ज्ञापन देने जाते मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के सदस्य।