भास्कर संवाददाता | रामदेवरा
राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शिक्षामंत्री के नाम उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा जोधपुर को ज्ञापन सौंपकर तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी पदोन्नति के लिए बनाई गई वरिष्ठता सूची में अनियमितता का आरोप लगाते हुए रोष प्रकट किया। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जैसलमेर जिला अध्यक्ष राणीदान सिंह भुटो ने बताया कि जोधपुर संभाग उपाध्यक्ष रूपाराम रलिया के नेतृत्व में शिक्षक संघ के शिष्ट मंडल ने उपनिदेशक माध्यमिक शिक्षा जोधपुर को शिक्षामंत्री के नाम ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि जोधपुर संभाग में वरिष्ठता सूचियों में भारी अनियमितताएं है। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि आप द्वारा दिनांक 11 मई 2018 को जारी सूची में शामिल 2012 में नियुक्त कुछ शिक्षकों के नाम सम्मिलित किये गये तथा वरिष्ठता का निर्धारण अंकों के आधार पर किया गया है। जबकि जोधपुर संभाग में जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर जिले शामिल है। जहां वर्ष 2012 में जिला परिषद के माध्यम से अलग-अलग जिलों में अलग-अलग परीक्षा का आयोजन किया गया था तथा जिले वार प्रश्न पत्र भी भिन्न-भिन्न थे और मेरिट भी अलग-अलग जारी की गई थी। जिनकी वर्ष 2016 में संशोधित कट आफ जारी की गई थी जो जिलेवार जैसलमेर 138.15, बाड़मेर 149.70, जोधपुर 139.87 थी। इस सूची में वरिष्ठता का निर्धारण करने में अंकों को आधार बनाना पूर्णतया गलत है। क्योंकि जिलेवार प्रश्न पत्र भिन्न-भिन्न थे। अतः वरिष्ठता का निर्धारण मेरिट क्रमांक के आधार पर होना चाहिए था। ज्ञापन देने के साथ ही संभाग संगठन मंत्री नरेश सोलंकी ने बताया कि उपनिदेशक कार्यालय की सूची में कई 2012 वाले शिक्षकों के नाम भी नहीं है जबकि वे डीपीसी के लिए पात्र अभ्यर्थी थे।
सूची में गड़बड़ियों से कई शिक्षक पात्र होते हुए भी डीपीसी सें वंचित रह गए है। इसके अलावा शिक्षक संघ ने मांग की है की उपनिदेशक कार्यालय के द्वारा अप्रैल माह में जारी अस्थाई पात्रता सूची 2012 में नियुक्त शिक्षकों का नाम नहीं होने से कई शिक्षक डीपीसी से वंचित रह गए है। शिष्ट मंडल में पूर्व उपाध्यक्ष मोहनसिंह भाटी, शिक्षक नेता श्यामसिंह सजाड़ा, जैसलमेर जिलामंत्री नटवर व्यास, फलोदी जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद थे।