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आज पहुंचेगा रसायन युक्त पानी, गलती से भी न पीएं, जहरीले पानी से महामारी फैलने की आशंका

3 वर्ष पहले
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कुछ दिन पहले व्यास नदी में शुगर फैक्ट्री का वेस्ट छोड़ा गया था। अब यह इंदिरा गांधी नहर में पहुंच चुका है और गंगानगर से होता हुआ मंगलवार की सुबह तक जैसलमेर पहुंचने की संभावना है। गंगानगर में जहां प्रशासन अलर्ट हो गया है वहीं जैसलमेर में न नहर विभाग और न ही प्रशासन इस खतरे को लेकर अलर्ट है। जानकारों के अनुसार केमिकलयुक्त पानी जहरीला हो सकता है, ऐसे में किसी भी तरह की महामारी फैलने की पूरी आशंका है। जबकि इस खतरे को स्थानीय स्तर पर कोई भांप नहीं रहा है।

गौरतलब है कि केमिकलयुक्त पानी नहर में चल रहा है। यह बदबूदार होने के साथ साथ काले रंग का हो चुका है। इसके साथ हजारों मृत मवेशी बहकर आ रहे हैं। जानकारों के अनुसार कई मछलियां व सांप आदि इसी जहरीले पानी की वजह से नहर में ही मृत हो गए और अब इस पानी में पूरी तरह से जहर फैल चुका है।

शुगर फैक्ट्री का वेस्ट नहरी पानी में शामिल हो चुका है। हम पूरी तरह से तैयार है। शुरुआती तौर पर ऐसी जानकारी मिली है कि यह पानी खेती के लिए नुकसानदायक नहीं है। ऐसे में हमारी तैयारी है कि मंगलवार को सुबह पानी के जैसलमेर पहुंचने के साथ ही नहरों व माइनरों में छोड़ दिया जाएगा जलदाय विभाग की लाइनों में इस पानी को नहीं छोड़ा जाएगा। विनोद चौधरी, अति. चीफ इंजीनियर, इंगांनप जैसलमेर

जैसलमेर. नहरबंदी के बाद वर्तमान में जैसलमेर की नहरों में पहले से ही आ रहा है गंदा व बदबूदार पानी।

जैसलमेर, जोधपुर व बाड़मेर की प्यास बुझाती है नहर

जैसलमेर में नहर की एंट्री नाचना से होती है। यहां से एक नहर निकलकर जोधपुर को पीने का पानी सप्लाई करती है। उसके बाद नहर मोहनगढ़ पहुंचती है। जहां से जैसलमेर शहर व बाड़मेर शहर के अलावा आर्मी के लिए पीने का पानी छोड़ा जाता है। आगे यह नहर रामगढ़ व सम तक पहुंचती है।

असमंजस

खेती के लिए नुकसानदायक है या नहीं : अभी तक असमंजस की स्थिति है कि यह पानी खेती के लिए नुकसानदायक है या नहीं। गंगानगर में इसे खेती के लिए नुकसानदायक बताया जा रहा है। जबकि जैसलमेर के अति. चीफ इंजीनियर ने भास्कर को बताया कि यह पानी खेती के लिए नुकसानदायक नहीं है और मंगलवार को जैसलमेर पहुंचते ही इसे तुरंत नहरों व माइनरों में छोड़ दिया जाएगा ताकि सिंचाई में पानी काम आ सके।

1365 आरडी पर है झील, उसमें छोड़ा जा सकता है पानी

1365 आरडी पर विशाल झील बनी हुई है। कई सालों पहले बनी इस झील का वर्तमान में कम ही उपयोग होता है। यदि यह रसायनयुक्त पानी किसी काम का नही हैं तो इसे इस झील में डाला जा सकता है। पूर्व में ज्यादा पानी आने पर इस झील को आउटलेट के तरह उपयोग में लिया जाता था। रसायनयुक्त पानी आने से पहले ही जैसलमेर की नहरों में बदबूदार पानी आ रहा है। किसानों के अनुसार नहर बंदी के बाद कई दिनों पानी की यही स्थिति रहती है।

पानी पहुंचने के 12 घंटे पहले तक किसी तरह का अलर्ट नहीं

मंगलवार सुबह जैसलमेर आने वाली नहर में केमिकलयुक्त पानी आने वाला है। जबकि इससे 12 घंटे पहले तक प्रशासन व नहरी विभाग ने किसी तरह का अलर्ट जार नहीं किया है।

गलती से भी न पीएं नहरी पानी, मवेशियों को भी न पिलाएं

भास्कर इस खतरे से जैसलमेरवासियों खासतौर पर नहर के आसपास रहने वालों को अलर्ट कर रहा है कि गलती से भी मंगलवार को आने वाले नहरी पानी को सीधे तौर पर न पीएं, यह पूरी तरह से जहरीला पानी है। इसके अलावा पशुओं को भी यह पानी न पिलाएं।

अलर्ट

रविवार को गंगानगर पहुंचा था रसायनयुक्त पानी

जानकारी के अनुसार रविवार को रसायनयुक्त पानी गंगानगर पहुंच गया था। इसके बाद बीकानेर होते हुए यह पानी जैसलमेर पहुंचेगा। अधिकारियों के अनुसार मंगलवार सुबह इस पानी के जैसलमेर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मंगलवार का दिन नहर से प्यास बुझाने वाले जैसलमेर सहित जोधपुर व बाड़मेर के लिए घातक साबित हाे सकता है।

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