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हासम खां के मामले में सही जांच करने पर आईजी व टीम सम्मानित

3 वर्ष पहले
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जैसलमेर | सियालों की बस्ती निवासी हासम खान पुत्र पीरू खान के 27 साल बाद भारत लौटने तथा यहां जैसलमेर से लगते बॉर्डर से अवैध रूप से प्रवेश करने के मामले में सही जांच कर सच उजागर करने पर डीजी बीएसएफ के.के. शर्मा ने आईजी अनिल पालीवाल व उनकी टीम को सम्मानित किया है। गौरतलब है कि जब सीआईडी बीआई ने 9 अक्टूबर 2017 को हासम खां को पकड़ा था उस समय उसके विरुद्ध शाहगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया। दर्ज एफआईआर के अनुसार हासम खान 1990 में जैसलमेर के इलाके से अवैध से सीमा पार कर कंडारू उमरकोट में रहने वाली अपनी बहिन के पास चला गया था। करीब 27 साल बाद 28 अप्रैल 2017 को वह जैसलमेर के लगते बॉर्डर एरिया से अवैध रूप से भारत में घुसा। इस मामले में बीएसएफ के सुरक्षा बंदोबस्त पर प्रश्न चिह्न लग गया। ऐसी चर्चा होने लगी कि बीएसएफ की सुरक्षा में सुराग है। सीमा प्रबंधन में की जा रही कार्रवाई, बॉर्डर पर रोशनी, फैंसिंग की व्यवस्था, मोबाइल गश्त को देखते हुए आईजी अनिल पालीवाल को संदेह हुआ कि हासम खान जैसलमेर बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में नहीं घुसा है। उन्होंने एक टीम गठित की जिसमें डीआईजी रवि गांधी, उप कमांडेंट अवनीश शर्मा, निरीक्षक रवींद्रसिंह तथा उप निरीक्षक गुरजीतसिंह शामिल थे।

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