झिनझिनयाली थाना में लखा गांव में नाबालिग के अपहरण के प्रयास तथा उसके परिवार के लोगों से मारपीट का मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं करने को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रभारी मंत्री अमराराम चौधरी को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि एक व्यक्ति 10 अप्रैल को रात करीब 2.30 बजे अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था।
इस बीच जगदीश सिंह पुत्र बलवंतसिंह, बलवंतसिंह पुत्र केसरसिंह, नरपतसिंह व कूंपसिंह पुत्र बलवंतसिंह, थानसिंह पुत्र नरपतसिंह राजपुरोहित व दीपसिंह पुत्र जयरामसिंह, आईदानसिंह पुत्र पीरसिंह व रिड़मलसिंह पुत्र लालसिंह राजपूत निवासी बालासर पुलिस थाना शिव ने एक राय होकर घर पर धावा बाेल दिया। उसके बाद आरोपियों ने नाबालिग बेटी को उठाकर गाड़ी में डाल दिया। इस बीच पीड़िता के भाई ने वहां पहुंचकर अपनी बहन को छुडवा लिया। जिसके बाद आरोपियों ने मारपीट की व पीडि़त के भाई के सिर पर सरिए व तलवार से वार कर उसे घायल कर दिया। ज्ञापन में बताया कि झिनझिनयाली थानाधिकारी द्वारा एक तरफा जांच करवाकर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में बताया कि पुलिस द्वारा न तो पोक्सो एक्ट लगाया गया है और न ही धारा 354, 365 व 366 लगाई गई है।
ज्ञापन में बताया कि पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर आरोपियों द्वारा नाबालिग लड़की को फिर से उठाकर ले जाने की धमकियां दी जा रही है। राज्य महिला आयोग की सदस्या सुधा पुरोहित द्वारा भी पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की थी, लेकिन मामला दर्ज होने के 40 दिन बाद भी पुलिस द्वारा दीपसिंह, आईदानसिंह, रिड़मलसिंह, थानसिंह व नरपतसिंह को गिरफ्तार नहीं किया गया है। झिनझिनयाली थानाधिकारी अरविंद चारण द्वारा जांच को प्रभावित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रभारी मंत्री से पुलिस से न्याय दिलवाने की गुहार लगाई है।
लखा गांव से नाबालिग के अपहरण की कोशिश और भाई से मारपीट करने का मामला