जैसलमेर | वाहन चालकों को अब से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद परिवहन कार्यालय में दस्तावेजों की प्रतिलिप जमा नहीं करवानी पड़ेगी। विभाग ने पेपरलेस कार्य को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। अभी तक ऑनलाइन आवेदन के समय दस्तावेज पेश करने के बाद आवेदक को उनकी प्रतिलिपि कार्यालय में जमा करवानी होती थी। दूसरे आदेश सभी वाहन डीलर्स को वाहनों के पंजीयन के लिए अधिकार पत्र लेने वास्ते पाबंद किया गया है।
परिवहन विभाग ने अब यह व्यवस्था लागू की है जो भी आवेदक लर्निंग लाइसेंस के लिए कार्यालय में अप्लाई करेगा। उसे जब भी दस्तावेज के सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। तब वास्तविक दस्तावेज ही देखे जाएंगे। कागजात की प्रतिलिपि जमा नहीं करवानी होगी। विभाग में रोजाना लर्निंग, परमानेंट व रिन्यूवल के करीब 130 लाइसेंस बनते है। नई व्यवस्था से कागज की बचत के साथ विभाग को रिकार्ड रखने के लिए अलग से व्यवस्था नहीं करनी होगी। आवेदक का डाटा कंप्यूटर में फीड रहेगा, जिसे जरूरत के समय कभी भी देखा जा सकता है। आवेदक लर्निंग लाइसेंस टेस्ट पास करने कार्यालय आने के अतिरिक्त स्वयं यह प्रक्रिया अपनाकर लाइसेंस ले सकता है। इसके लिए उसे विभाग की साइट पर जाकर राजस्थान सलेक्ट करना होगा। फिर लाइसेंस डिटेल पर क्लिक करके प्रिंट ले सकता है। यह प्रिंट लर्निंग लाइसेंस के सामान ही वैध होगा। प्रार्थी का चालन परीक्षण लिया जाना अपेक्षित है। प्राप्त होने की स्थिति में संबंधित परिवहन निरीक्षक/उपनिरीक्षक आवेदक की पृष्टि आवेदक से लर्निंग लाइसेंस प्राप्त कर उस पर मुद्रित फोटोग्राफ के आधार पर करेंगे। टेस्ट रिपोर्ट लर्निंग लाइसेंस पर ही अंकित करेंगे। सारथी 4.0 में चालन परीक्षण रिपोर्ट का अंकन करने के बाद लर्निंग लाइसेंस को संधारित करने की आवश्यकता नहीं होगी।