अग्निकुंड में कोई नाचते गाते हुए नंगे पांव चल रहा था, तो कोई बच्चों को कंधे पर उठा कर।
जालंधर |मां मारी अम्मा के वार्षिक मेले में 500 भक्तों ने अग्निकुंड में नंगे पांव चलकर परीक्षा दी। यह तपस्या रूपी परीक्षा मां मारी अम्मा के सम्मुख परिवार की खुशहाली व रोगों से मुक्ति दिलाने की मुरादें मांगते हुए भक्तों ने दी। पांच फीट चौड़े और 20 फीट लंबी बने अग्निकुंड में कोई नाचते गाते हुए नंगे पांव चल रहा था, तो कोई बच्चों को कंधे पर उठा कर चल रहा था। काईयों ने इसे भाग कर क्रास किया, इसी में 60 वर्षीय लक्ष्मी परीक्षा के समय गिर पड़ी, मगर उसका बचाव हो गया।
यहां कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत, अशोक गुप्ता, वीरेंद्र शर्मा, पार्षद पल्लनी स्वामी, नरेश गुप्ता, हरपाल, प्रधान बाबू, मनोज बेरी, शिवा गोविंदा, संजीव सुपरमनी, गंगा देवी, शक्ति, रविंदर, राजू दीवान, कमला देवी, र|चंद, सुनीता, चलित्रा, कनड़ी, पंडित आदि थे ।
अंगारों पर स्पर्श का समय कम होता है|प्लास्टिक सर्जन डॉ. पुनीत पसरीचा ने बताया कि श्रद्धालु अंगारों से तेज़ी से पैर उठा लेते हैं। अंगारों के साथ स्पर्श का समय बेहद कम होता है। ऐसे में जब वह कदम उठाते हैं और फिर से अंगारों पर पैर रखते हैं तो हवा में पैर द्वारा बिताया गया समय अंगारों पर रखे समय से ज्यादा होता है। इसलिए उनके पैर नहीं जलते।