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इंसान ही नहीं जानवरों को भी काट रहे आवारा कुत्ते, रोजाना 3-4 मामले आ रहे

3 वर्ष पहले
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जालंधर कैंट के खुसरोपुर गांव में रहने वाली परमजीत कौर अपने जर्मन शेफर्ड डॉग जग्गू को रैबीज का टीका लगवाने लाडोवाली रोड स्थित जानवरों के अस्पताल पहुंची थीं। सोमवार सुबह उनका कुत्ता जब गेट के पास खड़ा था तो आवारा कुत्तों ने उसे काट लिया।

परमजीत ने बताया कि पालतू कुत्तों को सैर करवाना बहुत मुश्किल हो गया है। सरकार आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने के लिए कुछ करे वरना घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। पिछले दिन जमशेर खास में एक भैंस को रैबीज्ड कुत्ते ने काट लिया था। तीन दिन बाद भैंस मर गई थी। परिवार को 1 लाख का नुकसान हो गया था। जानवरों को जब आवारा कुत्ते काटते हैं तो बहुत कम लोग ही हैं, जो उनका टीकाकरण करवाते हैं। सिर्फ जागरूक लोग ही अपने जानवरों को एंटी रैबीज टीके लगवाते हैं।

परमजीत कौर ने अपने जर्मन शेफर्ड डॉग जग्गू को अवारे कुत्ते के काटने पर रैबिज के टीका लगाया।

रोजाना तीन-चार कुत्ते डॉग बाइट का शिकार होकर आ रहे हैं। इंसान को अगर रैबीज कुत्ता काटता है तो उनमें रैबीज फैलने की संभावना कम होती है, मगर कुत्तों में एक रैबीज कुत्ते का दूसरे कुत्ते को काटना बहुत गंभीर स्थिति माना जाता है। ऐसे में उन्हें पांच टीके लगाए जाते हैं और बहुत निगरानी में रखा जाता है। -डॉ. करमबीर सिंह संधू, वेटनरी अफसर

सिविल में रोजाना 20 से ज्यादा नए मामले आते हैं

आवारा कुत्तों द्वारा काटने जाने के नए मामलों पर गौर करें तो सिविल अस्पताल में रोजाना 20 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। पुराने मामलों को मिला लिया जाए तो सिविल में रोजाना 60 से ज्यादा लोग एंटी रैबीज टीके लगवाने के लिए आते हैं।

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