गर्भवती होने पर रेगुलर चेकअप इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि कुछ माताओं में शूगर का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में अगर सही चेकअप न करवाएं तो जन्म लेना वाला बच्चा कई डिफेक्ट्स लेकर पैदा होता है। ऐसे में प्रेग्नेंसी दौरान शूगर टेस्ट बहुत जरूरी है। जिन महिलाओं को गर्भधारण के दौरान शूगर रहती है और वह उसका समय रहते इलाज नहीं करवातीं, उनके बच्चों में बाद में विसंगतियां पैदा होने का डर बना रहता है।
इसके अलावा वे खुद भी जब 40 पार करती हैं तो उनमें भी डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी दौरान शूगर कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। रविवार को फेडरेशन ऑफ ऑबस्ट्रेटिक्स एंड गायनाकोलॉजिकल सोसायटीज ऑफ इंडिया (फोग्सी) ने होटल रीजेंट पार्क में गर्भवती महिलाओं की सेहत के मुद्दे पर कांफ्रेंस करवाई। इसमें पटियाला मेडिकल कॉलेज में गायनी विभाग की इंचार्ज डॉ. परनीत कौर बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुईं।
उन्होंने बताया कि एक रिसर्च के मुताबिक जैसे-जैसे तापमान में वृद्धि होती है, वैसे-वैसे गर्भवती महिलाओं में शूगर के मामले बढ़ते हैं। जिन जगहों पर तापमान ज्यादा है, वहां ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। हालांकि इस रिसर्च पर अभी बहस होनी बाकी है। उन्होंने बताया कि गर्भवतियों की यूनिवर्सल स्क्रीनिंग के वक्त शूगर लेवल जानना बेहद जरूरी है।
अवेयरनेस
फोग्सी ने स्थानीय होटल में गर्भवती महिलाओं की सेहत के बारे कराई कॉन्फ्रेंस, डॉ. परनीत कौर ने कहा-
गर्भावस्था में शूगर होने पर बच्चे की जान को भी रहता है खतरा
डॉ. परनीत कौर ने कहा, गर्भवतियों की यूनिवर्सल स्क्रीनिंग के वक्त शूगर लेवल जानना बेहद जरूरी है।
एक्लेंप्शिया डिलीवरी से पहले वाले कुछ हफ्तों में ज्यादा परेशान करता है
महिलाओं में एक्लेंप्शिया के मामलों पर डॉ. परनीत कौर ने बताया कि ‘यूं तो एक्लेंप्शिया डिलीवरी से पहले वाले कुछ हफ्तों में ज्यादा परेशान करता है मगर ऐसी महिलाओं को शुरुआती दौर में ही डाइग्नोज करने से उनके बीपी को कंट्रोल करके उनकी और उनके बच्चे की जान बचाई जा सकती है।’ मौके पर पीएमसी मेंबर डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. सुषमा चावला, फोग्सी की प्रधान डॉ. सुरजीत कौर, डॉ. अमिता शर्मा, डॉ. जीनी गिर्न, डॉ. जैसमीन दहिया, डॉ. गुरमीत कौर, डॉ. सुरजीत कौर, डॉ. सुकृति शर्मा, डॉ. मधु नागपाल व शहर की अन्य गायनॉकोलोजिस्ट मौजूद रहीं।