कांग्रेस और अकाली-भाजपा के नेताओं को डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने से रोका
सासंद चौधरी संतोख सिंह को जाने से रोकते बीएसपी के नेता और वर्कर।
जालंधर | नकोदर चौक पर डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा पर जब कांग्रेस और बीजेपी नेता हार चढ़ाने आए तो बीएसपी और अन्य दलित संगठनों ने उनका विरोध किया। बीएसपी का कहना था कि कांग्रेस के लोकसभा सदस्य रिजर्व सीटों से चुनकर लोकसभा में दलितों की आवाज बनाकर भेजे गए हैं। मगर वहां पहुंचकर वह दलितों के मुद्दों को भूल जाते हैं। करतारपुर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके बलविंदर कुमार के नेतृत्व में बसपा के कार्यकर्ता सुबह ही चौक पर पहुंच चुके थे। उन्होंने सबसे पहले आदमपुर से अकाली विधायक पवन कुमार टीनू को 10 बजे श्रद्धांजलि देने से आधा घंटा रोके रखा। टीनू के बाद पहुंचे लोकसभा सांसद चौधरी संतोख सिंह को सुबह 11 से 12 बजे तक रोके रखा और उसके तुरंत बाद भाजपा के नेताओं के साथ भी ऐसा ही किया। पूर्व विधायक मनोरंजन कालिया, केडी भंडारी, पूर्व मेयर सुनील ज्योति, पार्षद सुशील शर्मा और अमित तनेजा जब फूलमालाएं लेकर प्रतिमा की ओर बढ़े तो बसपा और संविधान बचाओ संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों के निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस थे।
पवन टीनू, चौधरी संतोख सिंह, मनोरंजन कालिया, केडी भंडारी और सुनील ज्योति के खिलाफ की नारेबाजी
नकोदर चौक पर डॉ. बीअार अंबेडकर की प्रतिमा पर हार चढ़ाने आए थे नेता प्रदर्शनकारियों के निशाने पर थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस आरपीएफ और पुलिस ने मानव श्रंखला बनाकर नेताओं को प्रतिमा तक पहुंचाया
पूर्व विधायक मनोरंजन कालिया, बीजेपी जिला प्रधान रमेश शर्मा, पूर्व मेयर सुनील ज्योति व वर्कर्स को जाने से रोकते बीएसपी वर्कर।
पुलिस की निगरानी में चढ़ाई फूल मालाएं
प्रदर्शनकारियों के हटते ही रैपिड एक्शन फोर्स और पुलिस कर्मियों ने मानव श्रंखला बनाकर भाजपा नेताओं को प्रतिमा तक पहुंचाया। वहां माथा टेकने जब कालिया और भंडारी आ रहे थे तो प्रदर्शनकारी उनकी ओर दौड़े। वे पकड़ो-पकड़ो और मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। भाजपा नेताओं के साथ आए कार्यकर्ताओं ने भी मनोरंजन कालिया जिंदाबाद, भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। इससे प्रदर्शनकारी और भड़क गए। वे पुलिस जवानों को धकेलते हुए फिर उनके पीछे भागे। हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में रखा। बसपा कार्यकर्ता जय भीम बोलते तो बीजेपी कार्यकर्ता भारत माता की जय बोल रहे थे। संविधान संघर्ष कमेटी के सदस्य मधु रचना, रमेश चोका ने बताया कि वह उन प्रदर्शनकारियों का समर्थन नहीं करते जो भाजपा नेताओं को अपशब्द बोल रहे थे। यहां बिंदु लाखा, राम सिंह बोलीना, राजिंदर रीहल थे।
बसपा पार्टी और संविधान बचाओ संघर्ष कमेटी ने किया विरोध