जीत का सही मंत्र एनर्जी, हार्ड वर्क, क्यूरोसिटी और कंसनट्रेशन
एलपीयू के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, फिल्म प्रोडक्शन, क्रिएटिव और फाइन आर्ट्स ने नेशनल कांफ्रेंस ‘कंटेंपरेरी पर्सपेक्टिव इन डिजाइन एंड क्रिएटिव आर्ट्स’ का आयोजन किया। बलदेव राज मित्तल ऑडिटोरियम में आयोजित इस कांफ्रेंस में 125 रिसर्चर्स, आर्टिस्ट्स, डिजाइनर्स, प्रोफेसर्स, फोटोग्राफर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट विभिन्न क्षेत्रों से मौजूद रहे।
कांफ्रेंस का फोकस प्रोफेशनल तथा विभिन्न तरीके से अपनाई गई क्रिएटिविटी तथा भविष्य में उसकी योग्यता के बारे में चर्चा हुई। इस कांफ्रेंस में 180 से अधिक रिसर्च पेपर पढ़े गए और शार्ट फिल्मस दिखाई गईं जोकि ईरान, बंग्लादेश, यूएस, श्रीलंका, यूके तथा आयरलैंड से प्रस्तुत की गईं। एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल तथा प्रो चांसलर रश्मि मित्तल ने इंडस्ट्री से आए हुए प्रोफेशनल तथा एक्सपर्ट्स का इस कांफ्रैंस में स्वागत किया।
क्रिएटिव आर्टिस्ट्स तथा फोटोग्राफर रहे दीवान मन्ना ने कहा कि जीत का सही मंत्र उसमें लगाई गई एनर्जी, कठोर परिश्रम, जिज्ञासा तथा एकाग्रता होती है। आज के दौर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण किसी भी कला में क्रिएटिविटी का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बुल्ले शाह, शिव कुमार बटालवी तथा सुरजीत पातर जैसे लेखकों तथा कवियों का हमारे समाज की उन्नति के लिए बहुत ही अग्रसर योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि रियल आर्ट का सही अर्थ उसमें पेश की गई जिज्ञासा, तीव्रता, सोच, कलात्मकता तथा सेंस्टेविटी होती है।
फिल्म और विज्ञापन का निर्माण एनिमेशन के बिना अधूरा: दीपक अग्रवाल
कांफ्रेंस में पांच टेक्निकल सेशन हुए 67 से अधिक शार्ट फिल्मस दिखाई गईं।
मुख्य वक्ता दीपक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आधुनिक विचारों का डिजाइनिंग के क्षेत्र में होना बहुत जरूरी है। इस सोच के द्वारा हर क्रिएटर को अपनी फील्ड में इनोवेशंस तथा सीमित दायरे से बाहर आकर अपनी कार्य कुशलता को प्रस्तुत करना चाहिए। विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में फिल्म और विज्ञापन का निर्माण एनिमेशन के बिना अधूरा है और अगर हम अपनी सोच को आगे बढ़ाएं तो एनिमेशन के द्वारा हम इमोशन डालकर वीडियो को और भी आकर्षक बना सकते हैं। कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, गुरु जम्बेश्वर यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी, पंजाब यूनिवर्सिटी तथा तीन अन्य सेंट्रल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी सम्मिलित हुए।