बिना परमिट बसों पर रोक के लिए 24 घंटे लगा नाका
रोडवेज डिपो-1 के अधिकारियों ने पीएपी और रामामंडी में बसों की जांच की।
सिटी रिपोर्टर | जालंधर
बिना परमिट चल रही बसों के खिलाफ स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आदेशों पर पंजाब रोडवेज डिपो-1 की तरफ से मंगलवार शाम 6 बजे से बुधवार शाम 6 बजे तक 24 घंटे का स्पेशल नाका लगाया गया। इसमें पीएपी व रामामंडी से गुजरने वाली हर प्राइवेट बस का परमिट व टाइम टेबल चैक किया गया। रोडवेज मुलाजिमों की मानें तो राज्य में अभी भी प्राइवेट बस आप्रेटरों का कब्जा है। रात को 150 से ज्यादा अवैध रूप से प्राइवेट बसें गुजरती हैं।
मंगलवार शाम 6 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक 12 घंटे के पीएपी नाके में इंस्पेक्टर विजय कुमार, सब इंस्पेक्टर परमजीत सिंह, कंडक्टर कीरत सिंह, रामामंडी में इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह सुखी, इंस्पेक्टर वेद प्रकाश इंस्पेक्टर, रामामंडी होशियारपुर की साइड चैक कर रहे थे। बुधवार को इंस्पेक्टर दलविंदर सिंह, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम लाल व मैकेनिक संतोख सिंह की टीम की तरफ से नाका लगाया गया था।
ट्रांसपोर्ट माफिया के कारण रोडवेज को लाखों का नुकसान हो रहा है। रोडवेज की यूनियनें कई बार सरकार से अवैध बसों पर कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं लेकिन सख्त एक्शन नहीं लिया गया।
पिछले साल विजिलेंस टीम ने की थी चैकिंग
पिछले साल 9 मई को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आदेशों पर पंजाब पुलिस की विजिलेंस टीम ने सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक पीएपी चौक व रामामंडी चौक में 300 से ज्यादा बसों की चैकिंग की थी। इसमें आॅर्बिट, पटियाला एक्सप्रेस, बंदा सिंह बहादुर, गगनदीप, प्यार, काहलों व करतार बसें शामिल थीं। चैकिंग में पुलिस ने पूर्व मंत्री अवतार हैनरी की बस समेट 90 बसों के चालान काट बड़ी कार्रवाई की थी। इसके बाद प्राइवेट आप्रेटरों में डर बना था लेकिन इसके बाद सरकार की तरफ से कोई बड़ी कार्रवाई न होने के कारण राज्य में फिर से बिना परमिट व अन्य कागजों के सियासी लोगों की बसें चल रही हैं जिसका नुकसान रोडवेज को हो रहा है।