स्टूडेंट्स को जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स में काम करने का मिलेगा अवसर
एलपीयू ने ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख लाॅ ट्रोब यूनिवर्सिटी के साथ मेलबोर्न कैंपस ऑस्ट्रेलिया में एमओयू साइन किया है। इससे एलपीयू के छात्रों को इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलेगा और वह जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे। कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, फोरेंसिक साइंस, मीडिया स्टडीज और इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स के छात्रों को ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी से एमओयू का खास तौर पर लाभ होगा।
इस अवसर पर ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल में कैली स्मिथ, प्रो वाइस चांसलर ला ट्रोब यूनिवर्सिटी, कुइंटन गिलमोर इंटरनेशनल रिलेशंस से तथा प्रो. डॉ. हेमा शारदा चीफ एडवाइजर टू चांसलर एलपीयू से एमओयू साइन करने के लिए मौजूद थे। एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि एलपीयू अपने छात्रों के विकास के लिए अधिक से अधिक अंतर्राष्ट्रीय अवसर पैदा कर रहा है ताकि वो खुद को विश्व स्तर पर साबित कर सकें।
प्रो. वाइस चांसलर ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से कैली स्मिथ ने एलपीयू के साथ सहयोग करने में को बढ़िया अवसर बताया।
ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने पूरे दुनिया को ख्याति प्राप्त छात्र दिए हैं। कवालिटी एजुकेशन देने के साथ-साथ यूनिवर्सिटी सांस्कृतिक, सामाजिक, मनोरंजन एवं खेल की सुविधाएं भी मुहैया करवाती है। ला ट्रोब यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शिक्षकों के साथ मिलकर कैंसर पर रिसर्च की।
रिसर्च में मांसपेशियों को बर्बाद होने से रोकने के तरीकों की भी खोज की गई। यूनिवर्सिटी को एक्सिलेंस इन रिसर्च फॉर ऑस्ट्रेलिया में टॉप रैंक मिला हुआ है जो कि ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय शोध मूल्यांकन द्वारा मान्य है। रैंकिंग के सभी पांच पैरामीटर में से, ला ट्रोब ने 22 विभिन्न क्षेत्रों में सबसे ऊपर के पैरामीटर में उत्कृष्टता हासिल की है। इस साल की शुरुआत में एलपीयू ने ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी के साथ भी समझौते पर साइन किए थे।
इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलना जरूरी
छात्रों के इंटरनेशनल एक्सपोजर लिए एलपीयू ज्यादा से ज्यादा अवसर पैदा कर रही है।