जिले में रजिस्टर्ड 25 हजार डापो की ट्रेनिंग पूरी
नशे के खिलाफ काम करने के लिए जिले में चुने गए करीब 25 हजार ड्रग एब्यूस प्रिवेंशन ऑफिसर्ज (डापो) की ट्रेनिंग का काम पूरा हो गया है। पुलिस और प्रशासन की तरफ से इन सभी डापो की ट्रेनिंग के लिए लगातार कैंप लगाए गए थे। अब इन डापो को अपने-अपने एरिया में नशे के खिलाफ जागरूकता से संबंधित काम करने के लिए कहा गया है।
हर डापो अपने एरिया में नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करेगा, नशे की दलदल में फंसे लोगों को इससे बाहर निकलने में मदद करेगा और उन्हें नशा छुड़ाओ केंद्र तक पहुंचाने में मदद करेगा। इन डापो की रजिस्ट्रेशन हर एरिया के पुलिस सांझ केंद्र में की गई है।
एसडीएम अपने इलाकों के डापो को आईडी कार्ड देंगे
हर एरिया के एसडीएम अपने-अपने इलाकों से संबंधित डापो को आईडी कार्ड बनाकर देंगे। इन डापो की मदद संबंधित एरिया में रहने वाले सरकारी मुलाजिम करेंगे। डापो की भर्ती दो श्रेणियों में की गई है। सरकार मुलाजिमों को ऑफिशियल डापो बनाया गया है, जबकि आम लोगों को वालंटियर डापो बनाया गया है। दोनों तरह के डापो साथ मिलकर काम करेंगे। सहायक कमिश्नर डॉ. बीएस ढिल्लों का कहना है कि डापो की रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग पूरी हो गई है। अब उन्हें फील्ड में भेजा गया है। सभी डापो अपने-अपने एरिया में सिर्फ जागरूकता से संबंधित काम करेंगे और लोगों को नशे की दलदल से बाहर निकलने में मदद करेंगे।