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रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए खेतीबाड़ी, उद्योग और मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर पर देना होगा ध्यान

3 वर्ष पहले
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एजुकेशन रिपोर्टर | जालंधर/नकोदर

डीएवी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खुराना ने केआरएम डीएवी नकोदर में उदारीकरण का रोजगार एव पर्यावरण पर प्रभाव विषय पर नेशनल कॉन्फ्रेंस में बतौर रिसोर्स पर्सन शामिल हुए। उन्होंने अपना रिसर्च पेपर “भारत में उदारीकरण के बाद जॉब लेस ग्रोथ पर विश्लेषण’ प्रस्तुत किया। डॉ. खुराना ने सुझावों दिया कि अगर देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने हैं तो हमें प्राइमरी सेक्टर (खेतीबाड़ी) तथा सेकेंडरी सेक्टर (उद्योग तथा मैन्युफैक्चरिंग) में ध्यान देना होगा। इतिहास गवाह है कि विदेशों की अर्थव्यवस्था में बदलाव प्राइमरी सेक्टर खेतीबाड़ी से सेकेंडरी सेक्टर उद्योग तथा मेन्युफैक्चरिंग तथा सेकेंडरी सेक्टर से टरशरी सेक्टर सर्विसेज तथा सेवाएं में हुआ।

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जीडीपी तो बढ़ रही पर रोजगार नहीं बढ़ रहे

डॉ. खुराना ने बताया जॉब लेस ग्रोथ का मतलब है, भारत में जीडीपी का ग्रोथ तो लगातार उच्च दिशा की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहा है लेकिन नए जॉब के अवसर ना पैदा होने के कारण बेरोजगारों की जनसंख्या बढ़ रही है। हमारे बच्चे विदेश की ओर जाने के लिए अग्रसर हैं क्योंकि उन्हें रोजगार मिलने के आसार कहीं भी दिखाई नहीं देते। जॉब लेस ग्रोथ होने के कारणों को बताने के लिए उन्होंने 1990 से 2017 तक आंकड़े लेकर जीडीपी तथा बेरोजगार दर में स्टेटिस्टिकल तकनीक ऑफ सोशल साइंस विधि द्वारा सह-संबंध देखा तो पता चला कि यह तो सिर्फ -0.147 (14.7%) है जिसका मतलब निम्न डिग्री को नेगेटिव सह-संबंध है जो ये दर्शाता है कि जीडीपी तो बढ़ रही है पर रोजगार नहीं बढ़ रहे।

डॉ. खुराना अब स्विटजरलैंड में रिसर्च पेपर पढ़ने जाएंगे और भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

स्मृति चिन्ह देकर डॉ. खुराना को किया सम्मानित

केआरएम डी.ए.वी. नकोदर के प्रिंसिपल डॉक्टर अनूप कुमार वत्स तथा इकोनॉमिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो इंदु बतरा तथा प्रो कमलजीत सिंह ने स्मृति चिन्ह देकर डॉ. खुराना को सम्मानित किया। इस मौके पर प्रोफेसर वी के शर्मा, प्रो जीवन सूद, प्रो ऋतु तलवार, दीक्षा तुली, प्रभसिमरन , किरण शर्मा, मोनिशा सहगल आदि उपस्थित थे।

अब तक 83 शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं

ज्ञात रहे डॉ सुरेश कुमार खुराना इससे पूर्व कई विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजिस में व्याख्यान दे चुके हैं। डॉ. खुराना अब तक 83 शोधपत्र प्रस्तुत कर चुके हैं, जो कि कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। डॉ. खुराना लोयला कॉलेज, चेन्नई (तमिलनाडु) तथा एनसीएएस कॉलेज, वर्धा (महाराष्ट्र), आईआटी जम्मू यूनिवर्सिटी जम्मू आदि में बतौर मुख्य प्रवक्ता भी शिरकत कर चुके हैं और अब डॉ खुराना अपना रिसर्च पेपर पढ़ने स्विट्जरलैंड जाएंगे, जिसमें वो भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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