सूर्या एंक्लेव में सोमवार दोपहर बीएसएफ के डिप्टी कमाडेंट विपिन शर्मा के बैडरूम में फायरिंग के मामले में चारों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। यहां पर केस के जांच अधिकारी हरदेव सिंह ने कोर्ट में यह कह रिमांड मांगा कि पुलिस पता करना चाहती है कि फायरिंग के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। उन्होंने कोर्ट में कहा कि आरोपी प्राथमिक पूछताछ में यह मान रहे है कि उन्होंने शरारत में ऐसा किया था। इन का कोई क्रिमिनल रिकार्ड भी नहीं है। अदालत ने चारों आरोपी एक दिन के रिमांड पर पुलिस के हवाले कर दिया। एसएचओ राजेश ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने वीरवार रात लद्देवाली एरिया में से आरोपियों को अरेस्ट कर फायरिंग में इस्तेमाल रिवाॅल्वर बरामद किया। इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। एडीसीपी मनदीप सिंह गिल का कहना है कि जांच में यह बात आई है कि आरोपी नशे में फायरिंग कर बैठे थे।
आरोपी नशे में फायरिंग कर बैठे : एडीसीपी
चारों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया।
बाइक, स्कूटी भी मिली, रिवाॅल्वर में 3 ही गोलियां थी
पूछताछ में एक आरोपी ने माना कि घटना वाले दिन वह लोग 9 बजे बस अड्डा के पास मिले थे। एक को छोड़ तीनों आइलेट्स करते हैं। एक आरोपी के पिता मेडिसन लेने गए तो वह रिवाॅल्वर लेकर दोस्त के घर आ गया। चारों दोस्तों ने इकट्ठे होकर पहले पेग लगाए और फिर रिवाॅल्वर के साथ फोटो खींच पीएपी से बाहर आ गए। आरोपी दावा कर रहे है कि कोई साजिश नहीं है। न ही वह डिप्टी कमाडेंट या उनके बेटों को पहले से नहीं जानते थे। उनसे शरारत में गोलियां चली है। रिवाल्वर ने तीन ही गोलियां थी। पुलिस ने बाइक और एक्टिवा बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार 18-19 साल के 4 युवक रिवाल्वर के साथ फोटो खींच सोशल मीडिया पर डालना चाहते थे।