पर्यावरण विद संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने सरकार से वाटर एक्ट 1974 सख्ती से लागू करने को कहा है। प्रेस क्लब में उन्होंने बताया, ब्यास नदी में चड्डा शूगर मिल के शीरे से मरी लाखों मछलियों और दर्जनों गायों की मौत के बाद भी सरकार ने बड़ी कार्रवाई नहीं की है। शायद पंजाब के लोगों यह न पता हो कि सतलुज में अब एक मछली भी नहीं रह गई। 80-90 के दशक में जब पहली बार सतलुज में मछलियां मरी थीं तब किसी ने मुद्दा नहीं बनाया। धीरे-धीरे मछलियां विलुप्त हो गईं। इसकी फिक्र न सरकार न फैक्टरी मालिकों और न ही सतलुज के किनारे बसे लोगों ने की। उन दिनों अगर ये मुद्दा बनता तो शायद आज ब्यास जैसे हालात पैदा नहीं होते। सरकार अगर वाटर एक्ट 1974 को सख्ती से लागू कर दे तो हर गांव में लोग नदी से ही पीने का पानी लेना शुरू कर देंगे। एक्ट के तहत नदी में थूकना भी अपराध है। उसमें गंदगी फैलाने पर प्रतिबंध है।
सीचेवाल ने कहा, हम भी चाहते हैं कि पंजाब में इंडस्ट्री लगे ताकि युवाओं को रोजगार मिले मगर सारे उद्योगपति नियमों का पालन करें। अगर सभी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए उद्योग चलाएं तो ऐसे हादसे कभी नहीं होंगे।
नहरों से पेयजल की सप्लाई जांच के बाद की जाए : कैप्टन
चंडीगढ़ | सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जल सप्लाई और सेनिटेशन, जल संसाधन और स्थानीय निकाय विभागों को संबंधित जिलों में नहरों से पीने वाले पानी की सप्लाई जांच के बाद ही करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने पेयजल को दूषित होने से रोकने के लिए विशेष टीमें गठित कर उचित कदम उठाने को कहा है। हरीके पत्तन से चलती नहरों में साफ पानी की सप्लाई अगले 24 घंटों में बहाल होने की संभावना है।
पानी प्रदूषित करने वालों को सख्त सजा मिले : जत्थेदार
अमृतसर | पंजाब के दूषित होते पानी से चिंतित श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर सरकार को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने पंजाब जल बोर्ड पर भी निशाना साधा। जत्थेदार ने कहा कि पंजाब की धरती पर बह रहे दरियाओं के पानी को फैक्टरियों के मालिक निजी स्वार्थों के लिए जहरीला कर रहे हैं, जिसके चलते मनुष्य ही नहीं, जीव भी खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन की रक्षा केे लिए जल बोर्ड के अफसरों को जगाना भी जरूरी है।
फाजिल्का पहुंचा केमिकल युक्त पानी, इस्तेमाल पर पाबंदी
फाजिल्का | ब्यास दरिया के दूषित पानी ने अब फाजिल्का के गांव खुईखेड़ा की नहर को अपनी चपेट में ले लिया है। गांव खुईखेड़ा व आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को गांव के नजदीक गुजरती गंग कैनाल में भी काला पानी आ गया। डीसी ईशा कालिया ने लोगों से अपील की है कि इस पानी का प्रयोग पीने के लिए न करें। उन्होंने बताया कि इस संबंधी जन स्वास्थ्य विभाग और जल-सप्लाई और सेनिटेशन विभाग को पहले से ही हिदायत कर दी गई थी कि यह पानी वाटर-वर्क्स के जल भंडार टैंकों में न भरा जाए। उन्होंने बताया, 21 मई की शाम के बाद स्थिति में सुधार हो जाएगा और इस संबंधी सरकार की तरफ से सभी जरुरी प्रबंध किए जा रहे हैं।
नहरों का पानी साफ होने में एक दिन और लगेगा : सोनी
चंडीगढ़ | पर्यावरण मंत्री ओपी सोनी ने कहा, अगले 24 घंटों तक नहरों की टेलों तक पानी साफ़ हो जायेगा। रणजीत सागर डैम से 2000 क्यूसिक पानी ब्यास में छोड़ने से सुधार हुआ है। लोगों को इन नहरों का पानी पीने के लिए प्रयोग न करने की अपील की है। उन्होंने कहा, पर्यावरण विभाग द्वारा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चीफ़ इंजीनियर के नेतृत्व में एक कमेटी बनाई है जोकि मंगलवार तक जांच रिपोर्ट और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को घटित होने से रोकने के लिए अपनी सिफारिशें देगी।