क्राइम रिपोर्टर|जालंधर/आदमपुर
आदमपुर-होशियारपुर रोड स्थित कस्बा जंडूसिंघा में डेरा भैरो जोती में इतवार रात करीब 2.30 बजे कैपरी और बनियान पहनकर आए 5 लुटेरों ने 26 साल के ड्राइवर संदीप की हत्या कर दी। लुटेरे डेरे की सेवादार सोनिया महंत समेत 6 लोगों को जख्मी कर गए। वारदात तब की गई, जब सब सो रहे थे। लुटेरों ने सभी के सिर में ही डंडे जैसी भारी चीज से प्रहार किए थे। महज 10 मिनट में ही लुटेरे करीब 70 हजार और सोना लूट कर निकल गए।
सभी लुटेरे हिंदी भाषी थे और बार-बार ‘जल्दी करो’ कह रहे थे। जख्मी सोनिया महंत, करतारपुर की विश्वकर्मा मार्केट के रहने वाले रविंदर सिंह, जंडूसिंघा के रहने वाले संदीप की प|ी परमिंदर कौर, जोगिंदर पाल, गांव मेहंदीपुर के शाम लाल उर्फ काला बाबा और भोगपुर के गांव बिनपालके के रमन को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। एसपी (डी) बलकार सिंह ने कहा कि थाना आदमपुर में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
रात 1.45 बजे मां मारी अम्मा के मेले से लौटे थे तो 2.30 बजे आ धमके लुटेरे
जख्मी सोनिया महंत ने कहा कि वे मूल रूप से गांव नंगल करार खां की रहने वाली हैं। गद्दीनशीन आशा महंत के स्वर्गवास के बाद 1999 से डेरे की सेवा और कामकाज वे संभाल रही हैं। इतवार को वे साथियों के साथ सिटी रेलवे स्टेशन के पास मां मारी अम्मा के मेले में गए हुए थे। रात 1:45 बजे वे मेले से लौटे थे। अभी सोए ही थे कि करीब 2:30 बजे लुटेरे आ धमके।
संदीप
महज 10 मिनट में दिया वारदात को अंजाम, सभी एक-दूसरे को कहते रहे- जल्दी करो... जल्दी करो...
जख्मियों ने बताया- हिंदी भाषी हमलावरों ने सोते समय किया हमला। -भास्कर
सबसे पहले संदीप और रमन के सिर पर वार किए
जख्मी रमन ने बताया कि डेरे में दो कमरे बने हंै। सोनिया महंत, परमिंदर कौर, जोगिंदर, रविंदर और शाम लाल एक कमरे में सो गए और दूसरे कमरे में वह और संदीप सोने चले गए। आधी रात अचानक उसने संदीप की चीख सुनी। इससे पहले कि वह कुछ कर पाता- एक लुटेरे ने उसके सिर पर डंडे जैसी किसी भारी वस्तु से वार कर दिया। खून बहने के कारण वह कुछ बोल न सके। उसके कमरे में पांच लुटेरे आ गए। तलाशी ली तो कुछ नहीं मिला। उसने देखा कि एक लुटेरे की हाइट तो 6 फुट के करीब थी। सब ने कैपरी पहनी थी और बनियान। 6 फीट कद वाला लुटेरा कह रहा था कि जल्दी करो।
सभी को कमरों में बंद कर गए...जख्मी रमन ने बताया- लुटेरे सबको कमरे में बंद करके सभी के मोबाइल ले गए थे, लेकिन एक का बच गया को उन्होंने अपने परिचित गुरइकबाल सिंह को कॉल की तो उन्होंने आकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
लेबर छत पर सो रही थी...क्राइम सीन के पास रहने वाले मजदूरों ने बताया कि वे छत पर सो रहे थे कि डेरे के अंदर से चीखें सुनाई दीं। छत पर जाने के लिए लगाई लकड़ी की सीढ़ी जमीन पर गिरी हुई थी और किसी ने उनके कमरे की कुंडी लगा दी थी।
चार बहनों का इकलौता भाई संदीप 15 दिन से डेरे में ही था
संदीप की बहन प्रीति ने बताया कि वे 4 बहनें हैं और संदीप इकलौता भाई था। 3 साल पहले पिता अवतार सिंह की मौत हो गई थी। वह खुद तलाकशुदा हैं तो अपनी दो बेटियों ईशा और वंदना के साथ मां निर्मल कौर के पास रहती हैं। बेटे की मौत की खबर सुनकर मां निर्मल कौर कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थीं।
14 साल बड़ी परमिंदर से 2 साल पहले संदीप ने की थी शादी
26 साल के संदीप का डेरे से पहले ही लगाव था। उसने करीब दो साल पहले खुद से करीब 14 साल बड़ी परमिंदर कौर से मैरिज की थी। वह सोनिया महंत के पास ड्राइविंग का काम करने लगा। इस महीने में सोनिया के ज्यादा प्रोग्राम थे तो वह 15 दिन से प|ी संग डेरे में रह रहा था।
खोपड़ी फ्रेक्चर होने से खून बहना बंद नहीं हुआ...संदीप की लाश पोस्टमार्टम के बाद फैमिली को सौंप दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक संदीप के सिर और मुंह पर डंडे जैसी भारी चीज से हमला किया गया था। चोट से सिर के अंदर फ्रेक्चर हो गया था, जिससे दिमाग के अंदर खून बहना बंद नहीं हुआ। कुछ देर बाद ही संदीप ने दम तोड़ दिया।