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- ‘जीजा साले ने 10 साल पंजाब ’च स्मैक दी पुड़ियां बिकवाइयां, अज्ज बिना सबूत फड़ लए तां एह 15 दिन बाद जमानत लै के बाहर आ जाणगे’
‘जीजा-साले ने 10 साल पंजाब ’च स्मैक दी पुड़ियां बिकवाइयां, अज्ज बिना सबूत फड़ लए तां एह 15 दिन बाद जमानत लै के बाहर आ जाणगे’
डॉ. बीआर अंबेडकर के जन्म दिवस समारोह पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने बादल परिवार पर हल्ला बोला। मंच पर बैठे मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ देखते हुए धर्मसोत ने कहा, लोग कहते हैं कि कैप्टन साहिब बादलों के प्रति सॉफ्ट हैं। असल में ऐसा ही नहीं। सीएम ठंडे खिलाड़ी हैं। जो वी करणगे पक्के पैरी करणगे। सारे सबूत इकट्ठे करन तो बाद एहनां नूं ठोकणगे। बिना सबूत जे अज एहनां नूं फड़ लइए, तां एह 15 दिन च जमानत लै के बाहर आ जाणगे। फेर की करांगे। कैप्टन साहब सब कुछ पक्के पैरी कर रहे हण। एह लोग कैप्टन साहब दे राज विच ही पंजाब नूं लुटन दी सजा भुगतणगे। धर्मसोत ने अपने संबोधन में बगैर किसी का नाम लिए यह भी कहा कि जीजा-साले ने दस साल पंजाब च स्मैक दीयां पुड़ियां विकवाइयां। पंजाब नूं बुरी तरह लुटेया।
पंजाब विच दस साल सिर्फ कब्जे ही होए। किसे दे होटल ते कब्जा होया, ते किते पंजाब दे रूटां ते कब्जा होया। ये सुनकर पूरे हाल में ठहाके लगे। इसके बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान सुनील जाखड़ ने भी संबोधित किया। पंजाब की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी, तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी, चौधरी सांसद संतोख ने भी संबोधित किया।
साधू सिंह धर्मसोत
‘कैप्टन कूल प्लेयर हैं, सबूत इकट्ठे करने के बाद बादलों को ठोकेंगे’
धर्मसोत बोले- कैप्टन सब कुछ पक्के पैरी कर रहे हण, इन्हां दे राज विच ही बादल पंजाब नूं लुटन दी सजा भुगतणगे
डेविएट में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सीएम कै. अमरिंदर सिंह, केबिनटे मंत्री साघू सिंह धर्मसोत के साथ किसी बात पर चर्रचा करते हुए। - भास्कर
दोआबा के 633 दलितों के 1.07 करोड़ का कर्ज माफ कर दिया गया है। इसके उन्हें आज सर्टिफिकेट मिले। - भास्कर
पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के तहत पंजाब के 1700 करोड़ रुपए रोककर रखे हुए हैं। इस बारे में कई बार तकनीकी शिक्षा मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी केंद्र सरकार को चिट्ठी लिख चुके हैं लेकिन सरकार फंड्स जारी नहीं कर रही। ये पैसा साल 2015 से फंसा हुआ है। इसे जारी करवाने के लिए पुरजोर कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खुद को दलितों की हितैषी कहती है लेकिन यही सरकार दलित समुदाय के बच्चों की पढ़ाई में रोड़ा बनी हुई है और 1700 करोड़ रुपए रोककर बैठी है। जाखड़ ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से अपील करते हुए कहा कि अकालियों ने दस साल में पंजाब को कितना लूटा है, इसकी रिसर्च होनी चाहिए। इसके बाद ये रिसर्च पेपर प्रकाशित भी होना चाहिए।
जाखड़ ने कहा-
केंद्र सरकार ने पोस्ट मैट्रिक स्कीम का 1700 करोड़ रुपए रोका
चल रहा था कार्यक्रम और नींद आ गई...
चलते कार्यक्रम में एक समय ऐसा भी आया जब दिग्गज नेता कार्यक्रम से उबने लगे। एक पल के लिए तो वो सो ही गए। कइयों ने झपकियां लीं, तो कइयों ने खुद को झपकी लेने से रोका भी। - भास्कर
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और जाखड़ में दिखी अच्छी ट्यूनिंग
कैप्टन अमरिंदर सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ में शनिवार को अच्छी ट्यूनिंग दिखी। दोनों आपस में बातचीत करते रहे। पिछले दिनों दोनों के बीच जो विवाद हुआ था, दोनों नेताओं में उसके विपरीत अच्छा तालमेल था। दोनों हेलिकॉप्टर में भी इकट्ठे आए।
शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी अपनी स्पीच कागज पर लिखकर लाई थीं। उन्होंने सारी स्पीच कागज देखकर पढ़ी। उन्हें इस तरह स्पीच पढ़ते देखकर पब्लिक में से आवाज आई की शिक्षा मंत्री का ये हाल है तो बच्चे खुद ही पर्चियां ले जाकर पेपर देंगे। इस पर ठहाके लगे।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ फोटो करवाने के लिए कांग्रेस नेताओं में होड़ मची रही। जैसे ही कैप्टन के साथ वाली सीट खाली होती तो दूसरे नेता आकर बैठ जाते। फोटोग्राफर को इशारा करके फोटो लेने के लिए कहते। कैप्टन के कान में कुछ कहने लगते और फोटो क्लिक हो जाती। ये सिलसिला पूरे समारोह में चलता रहा।
समारोह में शामिल हुए एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत खराब हो गई। वह गिरने लगे थे, लोगों ने उन्हें संभाला। इसके बाद कैप्टन ने इशारा करके बुजुर्ग को मंच पर बुलवाया और अपनी पीछे वाली कुर्सी पर बैठा दिया।
समारोह में कांग्रेस विधायक सुशील रिंकू पब्लिक एंट्री वाले रास्ते से आ गए थे। मंच पर जाने का वहां से कोई रास्ता नहीं था। इसलिए उन्हें वापस लौटकर वीआईपी एंट्री वाले रास्ते से दाखिल होना पड़ा।
प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए बिल्कुल छोटा सा हाल बुक किया था। डेविएट के ऑडिटोरियम हाल में चार-पांच सौ के करीब लोगों के बैठने की कैपेसिटी है लेकिन समारोह में 1500 से ज्यादा लोग आए थे। बाकी लोग बाहर जमीन पर बैठे रहे और वहीं से वापस लौट गए।
कार्यक्रम साढ़े 10 बजे शुरू हो गया था लेकिन सीएम 12 बजकर 8 मिनट पर पहुंचे। लोग सीएम का इंतजार करके थक चुके थे।