18 के लड़के ने खुद को 21 का बता की लव मैरिज; कोर्ट से मांगी सुरक्षा, केस दर्ज
सिटी रिपोर्टर | जालंधर/बिलगा
लव मैरिज कर सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दर्ज करना प्रेमी जोड़े को महंगा पड़ गया। हाईकोर्ट के आदेश पर जांच हुई तो पता चला कि दूल्हे की उम्र 18 साल है। शादी करने के लिए उसने गलत डॉक्यूमेंट्स दिए और खुद को 21 साल का बताया।
अब थाना बिलगा में बाल विवाह रोक एक्ट 2006 के तहत करणदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। गांव तलवन के करणदीप के साथ शादी के बाद युवती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि मायका परिवार से उन्हें खतरा है। दोनों को सिक्योरिटी दी जाए।
लड़की के घरवालों के कहने पर कोर्ट ने कराई जांच
परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने के कारण दोनों ने जब शादी के बाद कोर्ट से सुरक्षा मांगी तो घरवालों ने भी कोर्ट में अपना पक्ष रखा। घरवालों का कहना था कि लड़के की उम्र शादी के लायक नहीं है। ये बात उसने कोर्ट से छिपाई है। लड़की के परिवार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी कि नाबालिग युवक ने उनकी बेटी के साथ शादी कर कानून का उल्लंघन किया है। हाईकाेर्ट ने 13 जून 2017 को एसडीएम फिल्लौर को आदेश दिए कि युवक की उम्र 21 साल है या इससे कम, इसकी जांच की जाए। एसडीएम ने बाल विकास अधिकारी नीलम रानी को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच में सामने आया कि करणदीप की उम्र 18 साल है। कोर्ट में उसने अपनी उम्र 21 साल बताकर गुमराह किया।
थाना बिलगा में केस... बाल विकास अधिकारी की रिपोर्ट को एसडीएम ने एसएसपी को भेजा और एसएसपी ने डीएसपी नकोदर से जांच करवाई। रिपोर्ट पर डीए लीगल से राय लेने के बाद बाल विवाह रोक एक्ट 2066 की धारा 9.10 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इसी के आधार पर थाना बिलगा में केस दर्ज किया गया है। लड़का फरार है। लड़की घरवालों के साथ रह रही है।
हो सकती 2 साल कैद 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है। रोक के बावजूद देशभर में हर साल बड़ी संख्या में बाल विवाह हो रहे हैं। बाल विवाह करने पर संबंधितों को दो साल की सजा और एक लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है।