डॉ. अभिषेक, डॉ. विभा महाजन
डॉ. अभिषेक, डॉ. विभा महाजन
डॉ. पीएल गौतम, डॉ. अशोक भल्ला, डॉ. राजेश पांडे
राजेश आहूजा, हरप्रीत कौर
शिभा, पवन कुमार, वीपी शर्मा, डॉ. अमित
एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल खतरनाक, इंसान से बैक्टीरिया ज्यादा स्मार्ट
हेल्थ रिपोर्टर | जालंधर
पिछले महीने इस दुनिया को अलविदा कहने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने दशकों पहले भविष्यवाणी की थी कि पृथ्वी पर दूसरे ग्रह के लोग आक्रमण कर सकते हैं। एक ग्रह के लोग दूसरे से लड़ेंगे और पृथ्वी पर जीवन नष्ट होने की कगार पर आ जाएगा। रविवार को शहर में क्रिटिकल केयर कांफ्रेंस आर्गेनाइज की गई जिसमें देश विदेश से आए डॉक्टर भी मानवजाति को गंभीर बीमारियों से निकालने के उपायों पर चर्चा के लिए जमा हुए थे। हालांकि उनका टॉपिक उड़न तश्तरियां या एलियन नहीं था। वे इंफेक्शन, आईसीयू और वेंटिलेटर पर पड़े मरीजों को बचाने पर चर्चा करने पहुंचे थे। इंडियन कॉलेज ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के अध्यक्ष डॉ. राजेश पांडे ने बताया कि ‘1928 में एलेग्जेंडर फ्लेमिंग ने पेंसिलिन की खोज की तब लगने लगा था कि अब दुनिया में कोई इंफेक्शन से नहीं मरेगा। आधुनिक युग का वह पहला एंटीबायोटिक था।
कभी एक एंटीबायोटिक कई बैक्टीरिया पर असर करता है लेकिन कुछ ही समय में उन बैक्टीरिया की गिनती कम हो जाती है। बैक्टीरिया इस धरती पर हमसे पहले से रह रहे हैं। वह हमसे ज्यादा स्मार्ट हैं और जल्द ही एंटीबायोटिक दवा के प्रति एक रक्षा कवच बना लेते हैं और दवा का उन पर कोई असर नहीं होता। बाद में अगर वह बैक्टीरिया किसी के शरीर में घुस जाते हैं तो उन्हें मारना मुश्किल हो जाता है। भारत में एंटीबायोटिक का अंधाधुंध इस्तेमाल होना शुरू हो गया है। इसे रोकने की जरूरत है। हर मरीज को एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। हालांकि स्टीफन हॉकिंग जैसे वैज्ञानिक बाद में यह भी मानने लग गए थे कि मानवजाति को दूसरे ग्रह के प्राणियों से ज्यादा खतरा तो बैक्टीरियल इंफेक्शन से है। इसलिए सरकार को एंटीबायोटिक की बिक्री पर सख्त नियंत्रण लगाना होगा। यहां डॉ. हेमंत भगत, डॉ. पीएल गौतम, डॉ. अफजल असीम, डॉ. मनीष टंडन और डॉ. विवेक गुप्ता भी मौजूद थे।
रणजीत चट्टा
डॉ. जैकब जोशी, डॉ. एसपीएस ग्रोवर
क्रिटिकल केयर कांफ्रेंस @ सेक्रेड हार्ट अस्पताल
डॉ. लाला, डॉ. सिक्का, डॉ. खंडूजा
डॉ. अंकित, गगनदीप सिंह, निशांत
रणजीत, मनीष, विनय