2019 में भाजपा अकेले नहीं बना पाएगी सरकार : नरेश
पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल का फोकस हेल्थ सर्विसेज दुरुस्त करने पर है। बतौर सांसद मिलने वाली ग्रांट का बड़ा हिस्सा वह जालंधर और आसपास के अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर खर्च कर रहे हैं। मंगलवार को 7 अस्पतालों को 1.12 करोड़ रुपए खर्च कर एंबुलेंस देने की घोषणा की। गुजराल अब तक 15 करोड़ की ग्रांट दे चुके हैं।
हेल्थ केयर पर बोले, सरकारी अस्पतालों में हर वह मशीन होनी चाहिए, जिनके लिए लोगों को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है। नकोदर, सुल्तानपुर, कपूरथला, करतारपुर, आदमपुर, फिल्लौर, शाहकोट को 16 लाख की एंबुलेंस दी हैं। स्टेट गवर्नमेंट इसके ऑपरेशन और मेनटनेंस पर ध्यान दे। पिम्स की सर्विसेज पर बोले- अब मैनजेमेंट बदल रही है तो सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
देश के मौजूदा सियासी हालात पर कहा, मैं साफ कर देना चाहता हूं कि अगली बार भाजपा अकेले अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी। गठबंधन सरकार बनेगी। सत्ता में आने के लिए भाजपा को पुराने साथियों को साथ लेना होगा। गुजराल राजनीति में नई पीढ़ी की इन्वॉल्वमेंट जरूरी मानते हैं। नेताओं को भी सुझाव देते हैं कि बच्चों को आगे लाएं।
एनडीए के घटक दल साथ छोड़ रहे हैं?
नरेश गुजराल ने कहा कि भाजपा को सभी दलों को अभी से साथ लेना होगा। तभी चुनाव तक मजबूत हो पाएंगे। शिरोमणि अकाली दल और शिवसेना हर हालात में भाजपा के साथ रहे हैं, इसलिए भाजपा का इन पार्टियों के साथ तालमेल ज्यादा बेहतर होना चाहिए। अकाली दल और भाजपा का रिश्ता बना रहना चाहिए क्योंकि यह सौहार्द के लिए जरूरी है। दूसरे राजनीतिक दलों की भी अहमियत भाजपा को समझनी होगी। सभी साथ आएंगे तो दूसरी बार सरकार का रास्ता आसान होगा। भाजपा का सत्ता में आना जरूरी भी है क्योंकि जिन नीतियों पर काम शुरू हुआ है, उन्हें अंजाम तक पहुंचाने की जरूरत है।
नरेश गुजराल
सिटी रिपोर्टर | जालंधर
पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल का फोकस हेल्थ सर्विसेज दुरुस्त करने पर है। बतौर सांसद मिलने वाली ग्रांट का बड़ा हिस्सा वह जालंधर और आसपास के अस्पतालों में सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर खर्च कर रहे हैं। मंगलवार को 7 अस्पतालों को 1.12 करोड़ रुपए खर्च कर एंबुलेंस देने की घोषणा की। गुजराल अब तक 15 करोड़ की ग्रांट दे चुके हैं।
हेल्थ केयर पर बोले, सरकारी अस्पतालों में हर वह मशीन होनी चाहिए, जिनके लिए लोगों को प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता है। नकोदर, सुल्तानपुर, कपूरथला, करतारपुर, आदमपुर, फिल्लौर, शाहकोट को 16 लाख की एंबुलेंस दी हैं। स्टेट गवर्नमेंट इसके ऑपरेशन और मेनटनेंस पर ध्यान दे। पिम्स की सर्विसेज पर बोले- अब मैनजेमेंट बदल रही है तो सेवाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
देश के मौजूदा सियासी हालात पर कहा, मैं साफ कर देना चाहता हूं कि अगली बार भाजपा अकेले अपने दम पर सरकार नहीं बना पाएगी। गठबंधन सरकार बनेगी। सत्ता में आने के लिए भाजपा को पुराने साथियों को साथ लेना होगा। गुजराल राजनीति में नई पीढ़ी की इन्वॉल्वमेंट जरूरी मानते हैं। नेताओं को भी सुझाव देते हैं कि बच्चों को आगे लाएं।
पंजाब सरकार के एक साल के कार्यकाल को कैसे देखते हैं?
सांसद ने कहा, सूबे में सांप्रदायिक टकराव की स्थिति बन रही है। इसे सख्ती से रोकना होगा। विदेशी कंपनियां, इंडस्ट्री और एनआरआईज तभी निवेश करेंगे, जब यहां शांति होगी।