जिला प्रशासन ने बंद हो रहे जालंधर के 63 सेेवा केंद्रों का कब्जा लेने के लिए हर सब डिवीजन में चार मेंबरी कमेटी गठित कर दी है, जिसकी अगुवाई संबंधित इलाके के एसडीएम करेंगे। कब्जा लेने से पहले बीएलएस कंपनी पर खड़े बिजली बिल की लिस्ट तैयार करवाई जाएगी।
दरअसल बिजली बिल नहीं भरने की वजह से पावरकॉम ने जिला के ज्यादातर सेवा केंद्रों के बिजली कनेक्शन काट दिए थे। इसके बाद से सेवा केंद्रों पर कामकाज ठप है। सेवा केंद्रों पर पावरकॉम के लाखों रुपए बिजली बिल के तौर पर बकाया खड़े हैं। ये पैसा सेवा केंद्र संचालन करने वाली बीएलएस कंपनी की तरफ से जमा करवाया जाना था। मगर समय पर बिल का भुगतान नहीं हुआ। जिला प्रशासन पावरकॉम से डिटेल मंगवाकर सभी सेवा केंद्रों पर खड़े बिजली बिल की डिटेल बनाकर कंपनी को ये लिस्ट सौंपेगा। कंपनी को पावरकॉम का सारा बिल जमा करवाने के लिए कहा जाएगा। अगर कंपनी बिल जमा नहीं जमा करवाती तो इसकी एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार के पास भेजी जाएगी। सरकार की तरफ से डायरेक्शन मिलने पर अगली कार्रवाई होगी।
जिले का ज्यादातर सेवा केंद्रों में कामकाज ठप्प, हर सब डिवीजन में कमेटियां गठित
सेवा केंद्रों पर कब्जा लेने की प्रक्रिया अगले हफ्ते से
सेवा केंद्रों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया अगले हफ्ते शुरू होगी। इसके लिए सभी कमेटियों में एक-एक टेक्नीकल एक्सपर्ट को रखा गया है। कंप्यूटर और आईटी इक्विपमेंट्स की भी चेकिंग होगी। इक्विपमेंट्स की गिनती और उनकी हालत की एक अलग से रिपोर्ट तैयार होगी। इसी तरह सेवा केंद्रों का निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन एजेंसी के मुलाजिमों को भी कमेटियों में रखा गया है, जोकि बिल्डिंग्स की कंडीशन को लेकर अपनी रिपोर्ट दायर करेंगे। एडीसी जसबीर सिंह का कहना है कि सेवा केंद्रों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। सभी 63 सेवा केंद्र कब्जे में लेकर रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। जहां खामियां मिलेंगी, उसकी अलग से रिपोर्ट तैयार होगी।