एफिलिएशन जारी रखने के लिए स्कूलों को कई मापदंडों पर खरा उतरना होगा। स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सीबीएसई ने पहल की है। पहले ऑनलाइन इंस्पेक्शन ही होती थी लेकिन इस बार से बोर्ड की ओर से स्कूलों में चैकिंग के लिए मेंबर भेजा जाएगा। इसे वन मेंबर इंस्पेक्शन कमेटी का नाम दिया गया है। वह मेंबर उन स्कूलों में विजिट करेगा जिन स्कूलों ने एफिलिएशन को एक्सटेंड करने के लिए अप्लाई किया हुआ है। वह मेंबर फिर बोर्ड को रिपोर्ट बनाकर भेजेगा। अगर स्कूल में कोई कमी पाई गई तो उस स्कूल की एफिलिएशन रद्द हो सकती है।
दरअसल, पहले क्या होता था ऑनलाइन ही स्कूलों की ओर से इंस्पेक्शन रिपोर्ट का परफॉर्मा भरा जाता था। कई स्कूलों में सुविधाएं न होने के बावजूद भी उसे एफिलिएशन मिल जाती थी। चूंकि परफॉर्मा में स्कूलों की ओर से विभिन्न मापदंडों में खुद को खरा बताया जाता रहा है। जबकि स्कूल की असल तस्वीर कुछ और ही होती थी। अब जब सीबीएसई की ओर से मेंबर इंस्पेक्शन के लिए आएगा तो स्कूल की कमियां छिप नहीं पाएंगी।
मेंबर की ओर से स्कूल में पाई गई कमियों को दुरुस्त करने के लिए समय भी दिया जाएगा लेकिन अगर उस निर्धारित समय में भी स्कूल की ओर से कुछ काम नहीं किया गया तो एफिलिएशन रद्द हो जाएगी। इसके लिए शहर के विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल्स को जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वे विभिन्न स्कूलों में विजिट करके जांच करें और रिपोर्ट बना दिल्ली भेजें।
परफॉर्मा में भरनी होगी लैब, लाइब्रेरी व स्टाफ की जानकारी
बोर्ड की ओर से भेजे गए परफॉर्मा के अनुसार उसमें विभिन्न जानकारी देनी होगी। इसमें स्कूल में कितने क्लासरूम हैं, स्कूल में मैथ्स, साइंस, फिजिक्स, कैमिस्ट्री, बायोलॉजी लैब व लाइब्रेरी है कि नहीं? अगर है तो उसमें कैसी सुविधा दी जा रही है। स्कूल की बिल्डिंग में फायर सेफ्टी, सेनिटरी आदि के लिए क्या इंतजाम है। इसके अलावा क्या स्कूल किसी कॉमर्शियल काम से तो नहीं जुड़ा हुआ जैसे ट्रेनिंग क्लासेस, किताबें आदि बेचना व अन्य। दयानंद मॉडल स्कूल मॉडल टाउन के प्रिंसिपल विनोद कुमार ने कहा कि बोर्ड की ओर से मुझे भी कमेटी का सदस्य बनाया गया है। मैंने दो स्कूलों में विजिट की है व उसकी रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी है। इसके अलावा अन्य स्कूल के प्रिंसिपल को भी जिम्मेदारी दी गई है। अब कोई भी स्कूल गड़बड़ नहीं कर पाएगा।
प्रिंसिपल विनोद।