अल्लाह की राह में दिन भर भूखे-प्यासे रहने के बाद मगरिब की नमाज अदा कर लोगों ने रोजा खोला। इससे पहले शुक्रवार के रमजान के पहले जुमे की सहरी करके इबादत गुजारों ने रोजा रखा। मस्जिद के मुअज्जिन ने मगरिब के समय जैसे ही अल्लाह को अबकर की सदा लगाई, बड़ों के साथ ही बच्चे भी मस्जिद की तरफ चल दिए। नमाज के बाद कुरान ए पाक की तिलावत मस्जिद ही नहीं घर पर भी जारी रही। मगरिब की नमाज के बाद फिर सभी तरावीह की नमाज में जुट गए। बड़ी तादाद में मस्जिद में रोजेदार जुमे की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे थे। हर तरफ बधाइयों का दौर चल रहा था और पाक महीने की रौणक दिख रही थी।
इस्लाम के मुताबिक माह ए रमजान में हजरत साहिब ने सबसे पहले खजूर से ही खोला रोजा
रमजान में खजूर का विशेष महत्व है। इस्लाम के मुताबिक माह ए रमजान में हजरत साहिब ने सबसे पहले खजूर से ही रोजा खोला था। इसलिए रमजान में और भी खजूर की अहमियत बढ़ जाती है और ये दिन भर की थकान को पल भर में दूर करने के साथ ही ताकत और ऊर्जा देता है। यह कारण है कि महानगर में तमाम जगह फलों की दुकान पर सामान्य फलों के साथ खजूर की कई किस्म इन दिनों दिखाई देती हैं। मोलाना अदनान बताते हैं कि इस्लाम में खजूर से रोजा खोलना सुन्नत है।
इस्लाम में खजूर से रोजा खोलना सुन्नत
मस्जिद में रोजेदार जुमे की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे, बधाइयों का दौर चला और पाक महीने की रौणक दिख रही थी।
सऊदी अरब, ईरान, इराक और दुबई के खजूर मार्केट में
रमजान शुरू होने के साथ ही खजूर की मांग बढ़ गई है। बाजारों में सऊदी अरब, ईरान, इराक और दुबई सहित कई देशों के खजूर भी मार्केट में आते हैं। इनकी कीमत 90 से लेकर चार हजार रुपए प्रति किलो की कीमत तक के खजूर बिक रहे हैं। सबसे ज्यादा मंग सऊदी अरब और ईरान के खजूरों की है। बाजार में यूं तो कई किस्म के खजूर मौजूद दे हैं, लेकिन सबसे महंगा खजूर सऊदी अरब के मदीना शहर का है। जिसे अजवा खजूर के नाम से जाना जाता है। अजवा खजूर 1800 से लेकर 3500 रुपए प्रति किलो में बिक रहा है।
खजूर-प्रति किलो का रेट
ईरानी - 120
अल ताज -140
कीमिया -185
बर्नी -190
खुबानी -200
फर्द -210
शुमरी - 210
तईबा -225
बेगमगंजी -225
ओमान -250
सफवी -270
खुदरी -250
हयात -350
मेधाज -1550
अजवा -1800-3500