पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सांप ने बच्ची को डसा, सांप भी ले आए अस्पताल

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिविल अस्पताल में सोमवार रात उस समय हलचल मच गई, जब कुछ लोग स्नेक बाइट की शिकार 5 साल की बच्ची के साथ सांप को भी बोतल में डाल कर अस्पताल ले आए। डॉक्टरों को बच्ची में जहर के लक्षण नहीं मिले, फिर भी उसे ट्रामा वार्ड में भर्ती कर लिया। बच्ची को अटेंड करने वाली स्टाफ नर्स ने बताया- रात लगभग 10 बजे बस्ती दानिशमंदा की रहने वाली महक को अस्पताल लाया गया।

अस्पताल में लगने वाले टीके में होती है चार जहरीले सांपों के जहर से बचाव की क्षमता

नहीं मिला डसने का निशान

सिविल अस्पताल के स्टाफ के मुताबिक जब बच्ची को परिजन अस्पताल लेकर आए तो वे घबराए हुए थे और बोतल में सांप भी साथ लेकर लाए थे। हालांकि अस्पताल स्टाफ को बच्ची के शरीर पर सांप के डसने का कोई निशान दिखाई नहीं दिया। जहर के असर का कोई लक्षण दिखाई नहीं दिया तो जहर रोधी टीका नहीं लगाया गया। बाद में बच्ची को छुट्टी दे दी गई। घटना रात 10 बजे की थी लेकिन 11 बजे एक और स्नेक बाइट का मामला सामने आ गया। काहनपुर गांव से 29 वर्षीय रविपाल को सांप ने डस लिया था। उसमें भी जहर के लक्षण नजर नहीं आए। उसे जिस जगह सांप ने डसा था, वहां से खून निकल रहा था। इसलिए एहतियात के तौर पर रविपाल को पॉलीवेलेंट एंटी वेनम का एक टीका लगाया गया। कुछ देर बाद उसे भी छुट्टी दे दी।

सांप न लाएं अस्पताल : डॉ. बावा

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केएस बावा ने बताया कि स्नेक बाइट के शिकार व्यक्ति के परिजन अपने साथ सांप लेकर न आएं। इससे स्टाफ नर्स और डॉक्टर असहज हो जाते हैं। उनमें खौफ पैदा हो सकता है। सिविल अस्पताल में मौजूद इंजेक्शन में पंजाब के सभी जहरीले सांपों से लड़ने की क्षमता है। इसीलिए इसे पॉलीवेलेंट एंटी वेनम इंजेक्शन कहा जाता है। इसमें क्रेट, कोबरा और दो तरह से वाइपर सांपों के जहर को काटने वाली दवा होती है। इसलिए सांप को साथ लेकर न आएं। दूसरी तरफ जानकारों का कहना है कि कई सांप ऐसे होते हैं, जिनके दांत नहीं होते और लोग उनके डसने की प्रक्रिया से ही डर जाते हैं। इसके अलावा कई सांप डसने के बाद निशान नहीं छोड़ते, इसलिए ऐसे मामलों में एहतियात बरतने की जरूरत रहती है।

खबरें और भी हैं...