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विजिलेंस की रेड के बाद आरटीए में करप्शन रोकने को मई से सारी सेेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी

3 वर्ष पहले
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अगले महीने से लोगों को आरटीए ऑफिस में किसी भी सर्विस के लिए जाने से पहले ऑनलाइन आवेदन करके एप्लिकेशन नंबर लेना होगा। बगैर नंबर के किसी भी आवेदक की फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी।

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में करप्शन के बोलबाले और लगातार हो रही विजिलेंस रेड के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत 8 मई से आरटीए दफ्तरों में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से संबंधित सभी सेवाएं सिर्फ ऑनलाइन ही मिलेंगी। कोई भी व्यक्ति अगर बिना आवेदन किए, सीधा आरटीए ऑफिस जाता है तो उसकी फाइल स्वीकार नहीं की जाएगी।

आरटीए और एसडीएम दफ्तरों में वाहन-4 सॉफ्टवेयर लांच हो रहा है, जोकि पुराने सॉफ्टवेयर को रिप्लेस करेगा। एप्लीकेंट के मोबाइल पर एक मैसेज भी आएगा, जिसमें उसके एप्लीकेशन नंबर समेत सारी डिटेल होगी। जिसके पास ये नंबर होगा, आरटीए दफ्तर में उसकी फाइल ही डील होगी।

वेबसाइट पर करना होगा अप्लाई

आरटीए दफ्तर की किसी भी सर्विस के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.परिवहन.एनआईसी.इन पर जाकर अप्लाई करना होगा। एप्लीकेंट को आरटीए या एसडीएम दफ्तर, फिर सर्विस की सलेक्शन करनी होगी। संबंधित डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके ऑनलाइन फीस जमा करवानी होगी। अगर एप्लीकेंट चाहे तो आरटीए दफ्तर जाकर डायरेक्ट फीस भी जमा करवा सकता है। उदाहरण के लिए अगर किसी को व्हीकल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट ट्रांसफर करवाना है तो उसे गाड़ी की आरसी, जिससे खरीदी है- उसका एफिडेविट, विक्रेता का और अपना आईडी प्रूफ स्कैन करके अपलोड करना होगा। आरसी ट्रांसफर की सरकारी फीस जमा करवानी होगी। फिर आवेदक के मोबाइल पर एप्लीकेशन नंबर आएगा और किसी भी वर्किंग डे पर आरटीए दफ्तर जाकर अपने ओरिजनल डाक्यूमेंट्स दिखाने होंगे। इसके बाद आरसी ट्रांसफर हो जाएगी। आरटीए दफ्तर का कोई भी मुलाजिम जब ये एप्लीकेशन नंबर अपने कंप्यूटर में फीड करेगा तो सारी डिटेल उसके सिस्टम में सामने होगी। उसके बाद एप्लीकेंट अपनी फाइल प्रोसेस करवा सकता है।

मई में पहले सात दिन काम बंद रहेगा

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की तरफ से आरटीए दफ्तर को जारी शेड्यूल के मुताबिक मई महीने में पहले सात दिन काम बंद रहेगा। ये काम पुराने सॉफ्टवेयर के डाटा को नए सॉफ्टवेयर में शिफ्ट करने की वजह से बंद रहेगा। इस प्रक्रिया में पांच दिन लगेंगे। दो दिन सॉफ्टवेयर का ट्रायल होगा। उसके बाद 8 मई से सर्विसेज दोबारा शुरू होंगी।

सॉफ्टवेयर लाचिंग के लिए काम जारी : एआरटीए

जालंधर के असिस्टेंट आरटीए अमरीक सिंह का कहना है कि नया सॉफ्टवेयर शुरू करने के लिए काम चल रहा है। मुलाजिम ट्रेनिंग भी ले चुके हैं। डिपार्टमेंट की तरफ से सॉफ्टवेयर शुरू करने के लिए जो शेड्यूल भेजा गया है, उसके मुताबिक काम किया जाएगा। फिलहाल सारा काम आईटी विंग से संबंधित है, जोकि चल रहा है। इसके बाद ही सॉफ्टवेयर शुरू होगा।

4 बड़ी खामियां लोगों को करेंगी परेशान

1. सिस्टम ऑनलाइन करने के बावजूद सेवाओं को टाइम बाउंड नहीं किया गया है। मुलाजिमों के हाथ में सारी कमान रहेगी कि वह कब किसकी फाइल क्लियर करनी है। इससे लोगों की परेशानी वैसी ही रहेगी।

2. सॉफ्टवेयर में सबकुछ ऑनलाइन है लेकिन लोगों को ओरिजनल डॉक्यूमेंट चेक करवाने के लिए आरटीए दफ्तर जाना ही पड़ेगा। जिसे मुलाजिम परेशान करना चाहेंगे, उसे चक्कर लगाने ही पड़ेंगे।

3. नई गाड़ियों की आरसी का काम अब भी वाहन बेचने वाले डीलर्स के हाथ में रहेगा। ज्यादातर लोग आरसी बनाने के लिए डीलर्स की ओवर चार्जिंग से परेशान हैं। यहां लोगों को राहत नहीं दी गई है।

4. काफी लोग कंप्यूटर के जानकार हैं पर इतना सब करना नहीं आता। उन्हें आवेदन के लिए एजेंटों के पास ही भागना पड़ेगा। इससे एजेंटों की चांदी होगी।

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