स्टूडेंट्स को दिए स्ट्रेस से बचाव के टिप्स
एचएमवी के साइकोलॉजी विभाग की ओर से तनाव, मानसिक अवसाद व आत्महत्या के विचार कारक, कारण व मुकाबला रणनीतियां विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। बतौर रिसोर्स पर्सन लिंडसे विल्सन कॉलेज के डायरेक्टर ऑफ रिसर्च डॉ. दया सिंह संधू उपस्थित थे। उनकी प|ी ऊषा संधूृ भी उनके साथ उपस्थित थे। साइकोलॉजी विभागाध्यक्षा डॉ. आशमीन कौर ने प्लांटर के साथ उनका स्वागत किया तथा वर्कशॉप का परिचय दिया। डॉ. दया सिंह संधू ने कहा कि पूरे विश्व में मानसिक स्वास्थ्य संकट चल रहा है। उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि विश्व में 1.52 बिलियन लोगों को मानसिक सहायता की आवश्यकता है जोकि बहुत गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि 95 प्रतिशत समस्याओं का कारण तनाव है।
एचएमवी में तनाव, मानसिक अवसाद व आत्महत्या के विचार विषय पर अन्तरराष्ट्रीय वर्कशॉप
प्रतिभागियों को स्वयं से बात करने की दी एडवाइज
साइकोलॉजी विभागाध्यक्षा डॉ. आशमीन कौर ने मुख्य मेहमान का स्वागत किया।
डॉ. दया सिंह संधू ने प्रतिभागियों को स्वयं से बात करने की सलाह दी। आत्महत्या का प्रयास कुछ सेकेंड के भ्रम का परिणाम है। उन्होंने स्ट्रेस से बचाव पर प्रेक्टिकल सेशन भी आयोजित किया। प्रिंसिपला प्रो. डॉ. अजय सरीन ने रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया तथा कहा कि इस प्रकार की वर्कशाप युवा पीढ़ी को यह बताने के लिए आवश्यक है कि आत्महत्या किसी समस्या का हल नहीं है। साइकोलॉजी विभाग की डॉ. शरनजीत कौर ने सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अध्यापक व छात्राएं उपस्थित थीं।