पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • आठ लोकेशंस में से ढिलवां, मुकेरियां शार्टलिस्ट

आठ लोकेशंस में से ढिलवां, मुकेरियां शार्टलिस्ट

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पेयजल के लिए दरिया का पानी इस्तेमाल करने के लिए तय किए प्रोजेक्ट में दो महीने के सर्वे के बाद 2 जगह शार्टलिस्ट की गई हैं। 19 फरवरी को सर्वे के लिए पहुंची विदेशी कंपनी ने 8 पॉइंट पर सर्वे किया था।

इनमें से 2 लोकेशन को ठीक बताया गया है और इन्हीं लोकेशन की सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी। यह पॉइंट ब्यास दरिया के किनारे ढिलवां और मुकेरियां का गांव टेरीआना है। ढिलवां जालंधर से करीब 40 किलोमीटर दूर है जबकि मुकेरियां का गांव 68 किलाेमीटर दूर है। इनमें से ढिलवां पास है लेकिन पानी मुकेरियां में साफ मिल रहा है।

कंसलटेंट दोनों जगहों का सर्वे करेंगे और सर्वे के आधार पर तय होगा कि कौन सी जगह सूटेबल रहेगी। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है इसलिए सरकार ने तय किया है कि जमीन के नीचे से पानी खींचने की बजाए दरिया से पानी शहर तक लाया जाए। यह हजार करोड़ का प्रोजेक्ट है। इस समय शहर में पानी की सप्लाई के लिए 523 ट्यूबवेल हैं। दरिया से पानी आने पर यह ट्यूबवेल बंद होंगे।

विदेशी कंपनी ने 8 पॉइंट पर सर्वे किया, वाटर टैंक के लिए 27 एकड़ जमीन की तलाश

27 एकड़ में बनेगा वाटर स्टोरेज टैंक

निगम दरिया से पानी लाएगा लेकिन शहर में सप्लाई से पहले इसे ट्रीट कर साफ किया जाएगा। शहर से बाहर एक स्टोरेज टैंक बनाया जाएगा। एसडीओ गगनदीप ने बताया कि स्टोरेज टैंक के लिए करीब 27 एकड़ जमीन की जरूरत होगी। रोजाना 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। पानी की सफाई के लिए बड़ा ट्रीटमेंट प्लांट लगेगा। करीब 15 दिन के पानी का हमेशा इंतजाम रहेगा।

नेशनल हाईवे से बचने की कोशिश...निगम की कोशिश रहेगी कि नेशनल हाईवे से पानी की पाइप लाइन ना आए। दोनों ही जगह से पानी की पाइप को स्टेट हाईवे के रास्ते लाने की कोशिश रहेगी। नेशनल हाईवे से पाइप डालने पर कई तरह की मंजूरी लेनी पड़ेगी। स्टेट हाईवे से पाइप लाइन डालने पर पंजाब सरकार से आसानी से मंजूरी मिल जाएगी। एसडीओ गगनदीप ने बताया कि दोनों तरफ से पाइप डालने पर एक-एक जगह रेलवे लाइन क्राॅस करनी ही पड़ेगी।

रूट पर बढ़ते गांवों को भी हो सकती है सप्लाई...निगम जिस रुट से पानी लाएगा रहेगा उस रूट पर पड़ने वाले गांवों और कस्बों को भी पानी की सप्लाई दी जा सकती है। यह सप्लाई दरिया से आने वाले पानी को बिना साफ किए होगी। नगर निगम सप्लाई के लिए बिल भी वसूल करेगा। इसकी मंजूरी पंजाब सरकार से ही मिलेगी।

खबरें और भी हैं...