एकमात्र महिला थाने में बैठने की जगह नहीं
कमिश्नरेट पुलिस ने संगीन अपराधों और बड़ी हिंसा के लिए शहर में एरिया वाइज थाने बनाए हैं और घरेलू हिंसा के लिए केवल एक महिला थाना है। जहां हर रोज दर्जनों केसों की सुनवाई होती है। इतने केस शायद सिटी के सभी थानों में नहीं आते जितने घरेलू हिंसा से जुड़े केस अकेले महिला थाने में आते हैं।
हर समय करीब 20 से 30 परिवार अपने-अपने केस को लेकर इकट्ठे नजर आते हैं। अब बड़ी दिक्कत सामने आ रही है कि इन बड़ी संख्या में बुलाए लोगों की सुनवाई करने के लिए महिला पुलिस कर्मियों के पास 10 बाय 10 का एक छोटा सा काउंसलिंग रूम है। जहां इतने लोगों के बैठने के लिए जगह पर्याप्त नहीं है।
पीने के पानी और पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से परेशानी ओर बढ़ रही
महिला थाने में जगह की कमी होने के कारण यहां-वहां खड़े लोग।
जगह की कमी के कारण जमीन पर बैठना पड़ रहा
काउंसलिंग रूम में जगह की कमी के कारण लोगों को बाहर जमीन पर भी बैठना पड़ रहा है। न ही थाने अंदर और बाहर कोई बड़ा पार्किंग प्लेस है, जहां लोग अपनी गाडिय़ां खड़ी कर सकें। लोगों का दहेज थानों में खुले आसमान के नीचे सड़ रहा है और उसके लिए भी कोई बड़ा हाल की व्यवस्था नहीं है। बिल्डिंग की हालत खस्ता है। ऐसे में सरकार और कमिश्नरेट पुलिस के इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा : इंस्पेक्टर
सोमवार को ऐसे हालात थे कि लोग जगह की कमी होने की वजह से लोग धूप में बैठे थे। एक युवक तो पुलिस अधिकारी की गाड़ी के बोनट पर बैठा था। लोगों के लिए पीने के पानी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने की जगह न होने की वजह से येलो लाइन से भी बाहर खड़ी हो रही हैं। ऐसे में सरकार और कमिश्नरेट पुलिस को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। महिला थाने की इंस्पेक्टर अवतार कौर ने कहा कि जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने की कोशिश होगी ताकी महिला थाने में आए लोगों को इंसाफ के साथ-साथ बेसिक सुविधाएं भी दी जाएं।