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73 साल के किसान रेशम सिंह को उम्र कैद की सजा

3 वर्ष पहले
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सेशन जज एसके गर्ग की अदालत ने लोहियां के गांव सिधड़ां में 10 जून 2016 को 70 साल के किसान रेशम सिंह की गंडासा मारकर की गई हत्या के केस में 73 साल के किसान सुरजीत सिंह को उम्र कैद सुनाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेशम सिंह के सिर में ब्लंट इंजरी आई थी, मगर प्रॉसीक्यूशन के एडवोकेट दर्शन सिंह दयाल ने ट्रीटमेंट करने वाले सरकारी डॉक्टर और छाबड़ा न्यूरो केयर सेंटर के डॉक्टर की गवाही से साबित किया कि रेशम के सिर में गंडासे जैसे तेजधार हथियार से चोट मारी गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

एडवोकेट ने दलील दी कि दोनों डॉक्टरों ने रेशम की जान बचाने के लिए ट्रीटमेंट किया था और सिर में लगी चोट से खून बह रहा था कि टांके लगाकर खून बंद किया था। चोट इतनी गहरी थी कि रेशम बच न सके। इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर न किया जाए। केस में चश्मदीद गवाह रेशम के बेटे ने गवाही दी कि उनके पिता पर गंडासे से उनके सामने अटैक किया गया था। प्रॉसीक्यूशन की दलील से सहमत होते हुए दोषी को उम्र कैद सुनाई गई। डिफेंस ने दलील दी कि उनके क्लांइट को केस में फंसाया गया है। चश्मदीद गंडासे से हमले की बात कह रहा था तो पोस्टमार्टम में ब्लंट इंजरी की बात सामने आई है। चश्मदीद मौके पर नहीं था।

16 जून 2016 में दर्ज हुआ था मर्डर का केस

थाना लोहियां पुलिस ने 10 जून 2016 को मर्डर का केस दर्ज करके आरोपी किसान सुरजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। 35 साल के गुरप्रीत सिंह गोपी ने कहा था कि वे पिता के साथ सुबह करीब 7.30 बजे खेत में जा रहे थे कि रास्ते में सुरजीत सिंह ने उसके पिता के सिर में गंडासा मार दिया। दूसरा वार किया तो उसके पिता के अंगूठे में लगा था। पिता जमीन पर गिर गए तो आरोपी फरार हो गया। पिता को पहले लोहियां के सरकारी अस्पताल में लेकर गए, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें रैफर कर दिया था। पिता को उक्त प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां पर उनकी मौत हो गई थी।

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