धरने से पहले पुलिस ने यूनियन के बैरिकेडिंग और कैमरों के लिए खर्च करवाए साढ़े 5 लाख
पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली को लेकर नई दिल्ली में सरकारी मुलाजिम 30 अप्रैल को रामलीला मैदान में धरना देंगे। मगर धरने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मुलाजिम यूनियन के 5.5 लाख रुपए खर्च करवा दिए हैं।
पुलिस ने धरने में सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स का सारा खर्च यूनियन के सिर पर डाल दिया है। यूनियन को अपने स्तर पर मैटल डिटेक्टर, स्कैनर, बैरिकेड, सीसीटीवी कैमरे, पुलिस के लिए पंडाल इत्यादि का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। इन इंतजामात पर 5.48 लाख रुपये खर्चा आया है, जोकि यूनियन ने अपनी जेब से अदा किया है।
सुरक्षा अरेंजमेंट का सारा खर्चा यूनियन पर डाला
जालंधर | नई दिल्ली में 30 अप्रैल को होने वाले धरने में पंजाब से 7 हजार मुलाजिम शामिल होंगे। धरने की तैयारियों को लेकर चंडीगढ़ में बुधवार को एक बैठक हुई, जिसकी अगुवाई मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन के प्रधान सुखजीत सिंह ने की। सुखजीत ने बताया कि मुलाजिम पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र व राज्य सरकारों ने साल 2004 के बाद भर्ती होने वाले मुलाजिमों के लिए पेंशन स्कीम बंद कर दी है। सिर्फ पुराने मुलाजिमों को ही इसका फायदा मिल रहा है। इसलिए बाकी मुलाजिम इस भेदभाव को खत्म करवाने के लिए पुरानी पेंशन स्कीम बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई दिल्ली में धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि धरने में पंजाब में बड़ी तादाद में मुलाजिमों की शमूलियत होगी। करीब 7 हजार मुलाजिम पंजाब से धरने के लिए नई दिल्ली रवाना होंगे। इसमें रेलवे समेत सेंट्रल गवर्नमेंट के कई महकमों के मुलाजिम भी शामिल होंगे।
पुलिस ने यूनियन को मोजो बैरिकेडिंग, स्कैनर मशीन, टॉयलेट ट्रॉली, पुलिस पंडाल, पुलिस कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरा, पोडियम, एम्बुलेंस का इंतजाम अपने स्तर पर करने को कहा, जिसके बाद यूनियन पदाधिकारियों एक लोकल टैंट हाउस के पास भेजा गया। टैंट हाउस ने इन सारे साजो-सामान के लिए 5,47,924 रुपये का बिल बनाया। पुलिस ने कंडीशन लगाई कि जब तक यूनियन ये सारे इंतजाम नहीं करेगी, तब तक धरने की परमिशन नहीं दी जाएगी।
...इधर, धरने के लिए शहर में 5 स्थान चिन्हित पर कोई मानने को तैयार नहीं