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टैक्स कलेक्शन बढ़ाने को नया सिस्टम, उधर...बंद किए सेवा केंद्र

3 वर्ष पहले
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अब अवैध निर्माण करने और टैक्स न देने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी होने वाली हैं। रेवेन्यू कलेक्शन 100 परसेंट करने के लिए निगम का ग्लोबल इंफार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) सर्वे पूरा हो गया है। सर्वे में 2.92 लाख प्रॉपर्टीज दर्ज हुई हैं। सर्वे कंसलटेंट कंपनी दाराशॉ ने जमीनी सर्वे और मैपिंग की है। हैदराबाद से सैटेलाइट इमेज मंगवाई हैं। शहर की सभी इमारतों की सेटेलाइट से डिजिटल फोटो रिकॉर्ड की गई हैं। यहां तक कि खाली प्लाटों और कृषि भूमि का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया है।

सेटेलाइट इमेज अपडेट होने पर निर्माण का पता चल जाएगा, जिससे अवैध कॉलोनियां भी डेवलप नहीं हो पाएंगी। अब सर्वे रिपोर्ट को निगम क्रास चेक कर रहा है। फिर सभी को यूनीक आईडी जारी होगी। सर्वे से जो डाटा मिला है, उससे रिकॉर्ड रहेगा कि किस प्रॉपर्टी ने बिल और टैक्स दिया है। सर्वे शहर को 20 सेक्टर में बांटकर किया गया था। 2.92 लाख प्रॉपर्टीज में करीब 50 हजार खाली प्लॉट भी हैं।

अवैध निर्माण और टैक्स चोरी रोकने के लिए हर घर को मिलेगी यूनीक आईडी

पहले फेस में कॉमर्शियल प्रॉपर्टीज पर फोकस

टैक्स कलेक्शन और अवैध निर्माण रोकने के लिए सिस्टम कमजोर

सभी से टैक्स लेने के लिए डाटा तो तैयार है लेकिन कलेक्शन कैसे होगी, ये क्लियर नहीं है। स्टाफ भी उतना ही रहेगा तो काम पूरा करना चुनौती रहेगा। निगम ने अभी पानी के बिल को बिजली के बिल के साथ जोड़ने का प्रस्ताव रोका हुआ है। अवैध निर्माण रोकने का प्लान भी तैयार है लेकिन स्टाफ वही है, जो पहले से काम कर रहा है। बिल्डिंग डिपार्टमेंट में करप्शन है, उस पर भी काबू नहीं पाया जा सका है।

आसान होगी डेवलपमेंट और मेनटेनेंस...सर्वे में डेवलपमेंट की स्थिति भी दर्ज की गई है। सड़क, पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट्स समेत अन्य डेवलपमेंट वर्क भी दर्ज किए गए हैं। ये डाटा भी दर्ज होगा कि कौन-सी सड़क कब बनी और कितनी गारंटी है। गारंटी पीरियड वाली सड़क का दोबारा टेंडर नहीं लग सकेंगे। सड़क टूटने पर ठेकेदार से काम करवाना आसान होगा।

50 प्रतिशत इमारतों से ही मिल रहा टैक्स : कमिश्नर डॉ. गर्ग

निगम कमिश्नर डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि सर्वे के आधार पर करवाए गए दो सेक्टर्स की जांच में सामने आया है कि जितनी कॉमर्शियल बिल्डिंग हैं, उसके आधे लोग ही टैक्स दे रहे हैं। जो लोग टैक्स नहीं दे रहे, उनका डाटा आ गया है। अब कार्रवाई करेंगे और स्टाफ की जिम्मेवारी तय होगी। इसके अलावा 60% लोग ही टैक्स दे रहे हैं।

आर्थिक मंदी में सरकार का फैसला लागू

एप्लीकेंट कम आने से 63 सेवा केंद्रों पर सेवाएं बंद

बचे हुए सेंटरों पर सेवाएं बढ़ाकर जारी किए टेंडर

रखवाली के लिए 5 हजार रु. महीना पर चौकीदार भर्ती होंगे

सिटी रिपोर्टर|जालंधर

गवर्नेंस रिफॉर्म डिपार्टमेंट ने पंजाब के 700 सेवा केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है, जिसमें जालंधर के 63 शामिल हैं। इसमें पूर्व मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ के गांव से संबंधित कोहाड़ खुर्द सेवा केंद्र भी शामिल है। लोकसभा सांसद संतोख चौधरी के गोद लिए गांव गन्ना पिंड और राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल केे गोद लिए धीना और लेदर कांप्लेक्स सेंटर भी बंद कर दिया गया है।

सेंटर्स में एप्लीकेंट कम आ रहे हैं। बिल्डिंग की रखवाली के लिए 5 हजार रुपये महीना पर चौकीदार नियुक्त होंगे। खर्च सरकार उठाएगी। बंद सेंटर्स को पंजाब ई-गवर्नेंस सोसाइटी के सुपुर्द करने के लिए चार मेंबरी कमेटी भी बनाने के लिए कहा गया है। सेवा केंद्र जिस हालात और सामान के साथ कंपनी को सौंपे गए थे, उसी हालत में वापस लिए जाएंगे। डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा का कहना है कि इन सेंटर्स को कब्जे में लेने के लिए कमेटियां गठित की जा रही हैं। एडीसी की अगुवाई में सारी कार्रवाई होगी और प्रशासन सेवा केंद्रों की इमारतों को अपने कब्जे में लेगा।

अब आगे क्या...31 जुलाई तक बंद होंगे बाकी केंद्र

पंजाब में 1500 सेवा केंद्रों को बंद करने का फैसला था। पहले चरण में 700 सेंटर्स हुए है। 31 जुलाई तक बाकी सेंटर्स भी बंद होंगे। जालंधर के 140 में से 106 सेंटर्स बंद होने हैं। फिलहाल 63 बंद हो गए हैं। जुलाई महीने में 43 सेंटर और बंद होंगे। 34 सेंटर्स को चलाने के लिए सरकार ने सेवाएं बढ़ाकर टेंडर जारी किए हैं।

बर्बाद हुए 470 करोड़ रुपए...जरूरत से ज्यादा सेवा केंद्र बनाने से 470 करोड़ रुपये बर्बाद हुए। 296.98 करोड़ रुपये खर्च करके 2086 सेवा केंद्र बनवाए थे। 16 महीने में ही प्रोजेक्ट पिट गया। संचालन पर 113 करोड़ और गैप फंडिंग के तौर पर करीब 60 करोड़ रुपए अदा किए।

ज्यादा ग्रामीण इलाकों में

न्यू राजन कालोनी, लैदर कांप्लेक्स, मल्लोवाल, तेहंग, नंगल, जमशेर, कुदोवाल, पत्तड़कलां, पधियाना, गन्ना पिंड, परजियां कलां, रहीमपुर, कालरा, बालोकी, संगोवाल, महसमपुर, चक्क खुर्द, भारसिंहपुरा, मल्लियां खुर्द, रायपुर-रसूलपुर, नगर, नंगल फिदा, बग्गा, अपरा, धीना, डरोली कलां ।

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