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जीएसटी फंड न आने से निगम मुलाजिमों को नहीं मिली सैलरी

3 वर्ष पहले
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निगम मुलजिमों को अभी तक अप्रैल की सैलरी नहीं मिली है। 17 दिन बीत गए और अभी अगले एक हफ्ते तक सैलरी की उम्मीद नहीं है। पंजाब सरकार जीएसटी का हिस्सा निगम को भेजेगी तो ही सैलरी मिलनी शुरू होगी। निगम मुलाजिमों की हर महीने की सैलरी करीब 14 करोड़ है। निगम की आर्थिक हालात इतनी खराब है कि डीजल की खरीद के लिए मुश्किल आ रही है।

नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर सप्लाई और बिल्डिंग डिपार्टमेंट से इनकम होती है लेकिन फाइनेंशियल इयर के पहले महीने में रेवेन्यू कलेक्शन बेहद कम है। पानी के बिल और प्रॉपर्टी टैक्स डिपार्टमेंट की कलेक्शन रोजाना करीब 2-2 लाख है। इससे पहले भी निगम मुलाजिमों को जब सैलरी नहीं मिली थी तो उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा था। डिप्टी कंट्रोलर आफ फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट अकाउंट्स संदीप कुमार ने कहा कि अभी एक हफ्ते तक सेलरी मिलने की उम्मीद नहीं है।

चुनावी डयूटी से रुका टैक्स कलेक्शन का काम

निगम की रोजाना कलेक्शन 5 लाख से भी कम पर पहुंच गई है। शाहकोट उपचुनाव और दूसरे चुनावी कामों पर निगम का स्टाफ भी लगाया गया है। इससे प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन का काम ठप हो गया है। निगम को रोजाना 3 लाख रुपए सिर्फ डीजल के लिए ही चाहिए होते हैं। पिछले दिनों में डीजल खरीद भी बंद हो गई थी। इससे सफाई का काम रुक गया था। बिल्डिंग डिपार्टमेंट से भी रेवेन्यू नहीं मिल रहा है।

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