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बीमारियां सप्लाई कर रहीं 40 साल पुरानी पाइपें, दो साल में चार बार टेंडर हुए फेल

3 वर्ष पहले
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शहर के करीब 100 इलाकों में बीमारियां सप्लाई कर रही पुरानी की पाइपों को बदलने का काम दो साल में भी शुरू नहीं हो पाया है। टेंडर अमाउंट इतनी बड़ी है कि कोई भी कांट्रेक्टर बिड दाखिल नहीं करता। चार बार टेंडर फेल हो चुके हैं। यह काम केंद्र सरकार की अमरुत योजना में होना है। पहले यह प्रोजेक्ट 84 करोड़ का था लेकिन सीवरेज का काम निकालने के बाद करीब 36 करोड़ रुपये का कर दिया गया। इसमें से 21.43 करोड़ से पाइपें डाली जाएंगी और करीब 14 करोड़ रुपए खाेदी जाने वाली सड़कों की रिपेयर पर खर्च होंगे। निगम चार बार टेंडर लगा चुका है लेकिन कोई कंपनी आगे नहीं आ रही। 2 साल पहले जब पानी की पाइपें बदलने का प्रपोजल तैयार हुआ था तब नए इलाकों में 100 किलोमीटर नई पाइपलाइन डाली जानी थी। 50 किलोमीटर पाइपें बदली जानी थी। 2 साल में इमरजेंसी में 17 किलोमीटर पाइपें डाली जा चुकी हैं। अब टेंडर 133 किलोमीटर का लगेगा।

पानी की सप्लाई रोकना एकमात्र हल : निगम के लिए गंदे पानी की सप्लाई रोकने का एक ही तरीका है कि जिस इलाके में गंदा पानी आ रहा हो, वहां की सप्लाई काट दी जाए। समय निकालने के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। समय निकलने के बाद फिर गंदे पानी की सप्लाई शुरू हो जाती है। नगर निगम के ट्यूबवेल से पानी करीब 300 से 400 फीट नीचे से खींचा जाता है। पानी पीने के लिए बेहद उपयुक्त होता है लेकिन गड़बड़ी सप्लाई लाइन में है।

300 से 400 फीट नीचे से पानी खींच रहे निगम के ट्यूबवेल, निगम के पास सिर्फ एक ही लैब- प्राइवेट लैब में 3500 और निगम की लैब में 500 रुपए में होता है वाटर टेस्ट

पिछले साल गई कई जानें

1.बस्ती पीर दाद रोड पर न्यू राजन नगर में पीलिया से एक व्यक्ति ने दम तोड़ा।

2.लम्मा पिंड में एक महिला की पीलिया से मौत।

3.राम नगर में एक महिला की मौत

राम नगर, गोपाल नगर, लंबा पिंड, गांधी कैंप, राजन नगर, न्यू राजन नगर, दानिशमंदा, कृष्णा नगर, शीतल नगर, बस्तियों में मंगू बस्ती, न्यू संत नगर, मोहल्ला चाएआम, लसूड़ी मोहल्ला, करतार नगर, संतोख पुरा, किशनपुरा में हजारों लोग बीमार हो चुके हैं।

इन इलाकों में डाली जाएंगी पाइपें

इन इलाकों में डाली जाएंगी पाइपें

इंदिरा कालोनी 2130.44 मीटर

न्यू गोबिंद नगर 1055.41 मीटर

विज नगर 282.73 मीटर

बलदेव नगर 1645.51 मीटर

गांधी नगर 131.09 मीटर

लम्मा पिंड चौक 241.89 मीटर

एकता नगर फेस 2183.71 मीटर

राम नगर 3640.13 मीटर

रियाजपुरा 203.42 मीटर

अटवाल काॅलोनी 1952.54 मीटर

अर्बन एस्टेट फेस 11021.31 मीटर

बाबू लाभ सिंह नगर 3633.89 मीटर

शिव नगर 1001.93 मीटर

कबीर विहार 1674.16 मीटर

लिंक काॅलोनी 717.92 मीटर

आबादपुरा 663.19 मीटर

माॅडल टाउन 532.64 मीटर

बूटा पिंड 2479.66 मीटर

गंदे पानी की सप्लाई के लिहाज से सेंसेटिव एरिया...इंदिरा कॉलोनी, न्यू गोबिंद नगर, विज नगर, बलदेव नगर, गांधी नगर, लम्मा पिंड चौक, एकता नगर फेस-2, राम नगर, रियाजपुरा, अटवाल कॉलोनी, अर्बन एस्टेट फेस-1, बाबू लाभ सिंह नगर, शिव नगर, अमर नगर, कबीर विहार, घई नगर, लिंक कॉलोनी, आबादपुरा, बूटा पिंड, गोपाल नगर, न्यू गोपाल नगर, कबीर नगर, भार्गव कैंप, मिट्ठू बस्ती, बस्ती पीरदाद, बस्ती शेख, सलेमपुर मुसलमाना, खिंगरां गेट, किला मोहल्ला, गांधी कैंप, मखदूमपुरा, नीवां सुराजगंज, काजी मंडी, गड़ा, भगत सिंह काॅलोनी, गुरु नानक पुरा ईस्ट, गुरु नानक पुरा वेस्ट, शीतल नगर, जल्लोवाल आबादी, रेरू, हरगोबिंद नगर, बशीरपुरा, नीलामहल, कमल विहार, मोहल्ला करार खां।

सिटी में पानी टेस्टिंग की सिर्फ एक लैब... पानी की टेस्टिंग के लिए नगर निगम की ओल्ड बारादरी में लैब है। इसके अलावा शहर में पानी की जांच का कोई दूसरा केंद्र नहीं है। लैब में प्राइवेट तौर पर टेस्ट करवाए जा सकते हैं लेकिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं हैं। प्राइवेट लैब में टेस्ट करवाने के 3500 रुपये लगते हैं लेकिन निगम की लैब में सिर्फ 500 रुपये टेस्ट हो जाता है। लैब स्टाफ सिटी में हर साल करीब 400 सैंपल की जांच करता है। जिन इलाकों में गंदा पानी आने का खतरा होता है उन इलाकों में पानी की जांच समय-समय पर करते हैं।

शहर के पुराने इलाकों में हालात ज्यादा गंभीर

100 से ज्यादा इलाकों में लोग पी रहे गंदा पानी... गल चुकी पानी की पाइपों से सिटी के करीब 100 मोहल्लों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। बरसात में इन्हीं इलाकों में बीमारियां फैलती हैं। इन इलाकों में 30 से 40 साल पुरानी पाइपों के पानी में सीवरेज का पानी मिक्स होकर सप्लाई होता है। यह प्राॅब्लम बरसात में ज्यादा बढ़ जाती है। जुलाई में फिर बरसात शुरू होगी और उसके बाद दो से तीन महीने तक कई इलाकों के लोग बीमारियों से घिरे रहेंगे। इससे पहले काम तभी हो पाएगा जब टेंडर का प्रोसेस शुरू होगा। बरसात में सीवरेज बैक मारते हैं और पानी की पुरानी पाइपों में लीकेज के कारण सीवरेज का पानी मिक्स होकर सप्लाई होता है। इससे डायरिया, पीलिया, टायफाइड, दस्त-उल्टी, हैजा फैलता है।

सैंपल टेस्ट रिपोर्ट

सैंपल टेस्ट रिपोर्ट

साल पास फेल

2010 259 49

2011 245 35

2012 242 43

2013 229 13

2014 282 57

2015 257 34

2016 378 45

2017 138 112

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