योग से रहें निरोग, शरीर को मिलती है प्राण वायु शक्ति
सेमिनार में 400 के करीब साधकों ने हिस्सा लिया।
जालंधर|भारतीय योग संस्थान पिछले 50 वर्षों से भारतीय समाज को योग साधना से रोग मुक्त करने में निस्वार्थ भाव से कार्यरत है। संस्थान ने जालंधर में योग अभ्यास से रोग निवारण का एक सेमिनार लगाया । सेमिनार में 400 के करीब साधकों ने हिस्सा लिया। योग साधना को जवाहर लाल मेहरा ने योग को वृक्ष से जोड़ते हुए कहा कि योग सीखने का निर्णय लेकर, कक्षा में जाना योग के लिए भूमि तैयार करने के सामान है। वेद प्रकाश राठी ने संबोधित करते हुए कहा कि योग से विभिन्न रोगों का इलाज किया जा सकता है। शरीर के विभिन्न महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल, फेफड़े, लीवर, गुर्दे, मस्तिष्क केवल अपने लिए ही काम नहीं करते बल्कि शरीर को सुचारु रुप से चलाने में एक दूसरे का सहयोग करते हैं। शरीर पांच तत्वों का बना हुआ है परंतु शरीर को चलाने के लिए प्राण वायु जरुरी है। श्वास के बगैर शरीर चलाएगा क्या। योग से शरीर को प्राण वायु शक्ति की आपूर्ति होती है और शरीर में रोगों को रोकने की शक्ति पैदा होती है। प्रांतीय अध्यक्ष वरमानी, कमल अग्रवाल, राजीव जैन ने साधकों का धन्यवाद किया ।