सिटी रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री गेट को लेकर शनिवार को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और रेलवे के इंजीनियरिंग की टीम ने सर्वे किया। सूर्या एंक्लेव से काजी मंडी तक बनाई जा रही 120 फुटी रोड के साथ टीमों की तरफ से मार्किंग भी की गई।
रेलवे की टीम की तरफ से एसएसई राजीव भसीन, एसडीओ राजेश शर्मा ने रेलवे की दीवार के साथ लगती ट्रस्ट की लगभग 15 मीटर तक की जमीन को लेकर ड्राइंग तैयार की।
इसके जरिए बताया कि गेट की केवल एंट्री ही नहीं, वहां तक वाहनों की अप्रोच व उनकी पार्किंग व ऑटो स्टैंड आदि की सुविधाएं भी दी जानी अनिवार्य हैं। अगर ट्रस्ट की तरफ से जमीन फाइनल हो जाती है तो उनकी साथ ही ब्रिज वर्कशाप की जगह भी है जिसे डिमॉलिश कर बाकी प्रबंध किए जा सकते हैं। ट्रस्ट के एसई सतिंदर सिंह व उनकी टीम की तरफ से भी विजिट की गई और ड्राइंग की फाइल लेकर वर्क करने को कहा गया। अब ट्रस्ट की तरफ से इस पर काम किया जाएगा।
ट्रस्ट की तरफ से जमीन फाइनल हो जाती है तो साथ ही ब्रिज वर्कशाप की जगह भी है जिसे डिमॉलिश कर बाकी प्रबंध किए जा सकते हैं।
सिटी रिपोर्टर | जालंधर
सिटी रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री गेट को लेकर शनिवार को इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और रेलवे के इंजीनियरिंग की टीम ने सर्वे किया। सूर्या एंक्लेव से काजी मंडी तक बनाई जा रही 120 फुटी रोड के साथ टीमों की तरफ से मार्किंग भी की गई।
रेलवे की टीम की तरफ से एसएसई राजीव भसीन, एसडीओ राजेश शर्मा ने रेलवे की दीवार के साथ लगती ट्रस्ट की लगभग 15 मीटर तक की जमीन को लेकर ड्राइंग तैयार की।
इसके जरिए बताया कि गेट की केवल एंट्री ही नहीं, वहां तक वाहनों की अप्रोच व उनकी पार्किंग व ऑटो स्टैंड आदि की सुविधाएं भी दी जानी अनिवार्य हैं। अगर ट्रस्ट की तरफ से जमीन फाइनल हो जाती है तो उनकी साथ ही ब्रिज वर्कशाप की जगह भी है जिसे डिमॉलिश कर बाकी प्रबंध किए जा सकते हैं। ट्रस्ट के एसई सतिंदर सिंह व उनकी टीम की तरफ से भी विजिट की गई और ड्राइंग की फाइल लेकर वर्क करने को कहा गया। अब ट्रस्ट की तरफ से इस पर काम किया जाएगा।