लाडोवाल में टोल न देने पर लोगों से बदसलूकी
जालंधर से रोजाना करीब 10,000 व्हीकल्स लुधियाना नेशनल हाईवे पर स्थित लाडोवाल टोल प्लाजा से गुजरते हैं। लोक अदालत कपूरथला की चेयरपर्सन मंजू राणा ने मंगलवार आदेश जारी किए थे कि इस टोल प्लाजा से किसी से भी पैसे नहीं लिए जाएंगे, बावजूद इसके बुधवार लोगों से जबरन वसूली की गई।
मॉडल हाउस में रहने वाले पविंदर सिंह प्रिंस कार से डीएमसी में मरीज को देखने जा रहे थे। बैरीकेड बंद थे और कर्मचारी ने पर्ची कटवाने के लिए कहा। प्रिंस ने मोबाइल पर टैक्स माफ होने के ऑर्डर की कॉपी दिखाई। जब कर्मचारी नहीं माने तो बात हाथापाई तक पहुंच गई और दो घंटे तक माहौल गर्म रहा। इस दौरान वहां पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थे। पुलिस की ढील के कारण जालंधर-लुधियाना मार्ग पर लंबा जाम भी लगा रहा।
टोल प्लाजा कंपनी के अंबाला दफ्तर से बताया गया कि कंपनी ने हाईवे अथॉरिटी से टोल प्लाजा ठेके पर लिया है। हाईवे अथॉरिटी प्लाजा बंद करने के निर्देश देगी तो लोगों से टैक्स वसूली बंद कर दी जाएगी।
लाखों में होती है रोजाना टैक्स वसूली।
यह है मामला...ह्यूमन राइट्स प्रेस क्लब ने कपूरथला की अदालत में याचिका दायर की है कि लाडोवाल टोल प्लाजा देश का तीसरा सबसे महंगा टोल प्लाजा है। इतना टैक्स लेने के बावजूद न रोड पर सेफ्टी के कदम उठाए जा रहे हैं और न ही सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करवाया जा रहा है। उन्होंने हादसों में मौतों, अवैध निर्माण, अवैध रास्ते आदि का भी मुद्दा उठाया है। इस पर स्थानीय लोक अदालत की चेयरपर्सन मंजू राणा ने शर्तें पूरी न होने पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी को टोल प्लाजा पर टोल वसूलने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। दूसरी तरफ टोल प्लाजा कंपनी सोमा आइसोलेक्स ने दिल्ली में उच्चाधिकारियों के साथ मीटिंग करके 24 अप्रैल को अदालत में जवाब देने की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।