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बीते तीन साल में इस बार अप्रैल का तापमान कम

3 वर्ष पहले
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मार्च में पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी से मैदानी इलाकों में गर्मी कम है।

क्लाइमेट चेंज

पिछले 17 दिनों में औसत तापमान 33.40 डिग्री रहा जबकि 2017 में 34.07 और 2016 में 35.47 डिग्री रहा टेंपरेचर

वेदर रिपोर्टर|जालंधर

अप्रैल 2018 पिछले दो सालों के मुकाबले ठंडा साबित हो रहा है। पिछले 17 दिनों में शहर का औसत तापमान 33.40 डिग्री रहा जबकि 2017 में यह 34.07 डिग्री और 2016 में 35.47 डिग्री सेल्सियस था। पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश से उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में ठंडक से तापमान कम है।

हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पारा तेजी से बढ़ना शुरू हो जाएगा। 10 दिनों बाद लू चलने लगेगी और तापमान तेजी से बढ़ेगा। इससे दिन ही नहीं, रात का तापमान भी बढ़ेगा। अभी ज्यादतर घरों के अंदर रातों में एयर कंडीशन चलाने की जरूरत नहीं पड़ी है।

अच्छे मानसून के लिए अच्छी गर्मी की जरूरत

ज्यादा गर्मी मतलब अच्छा मानसून- प्रो. दलजीत

दोआबा कालेज में जियोग्राफी विभाग के एचओडी प्रो. दलजीत सिंह ने बताया कि अच्छे मानसून के लिए अच्छी गर्मी की भी जरूरत होती है। अगर अप्रैल और मई में अच्छी गर्मी नहीं पड़ेगी तो जुलाई अगस्त में अच्छे मानसून की संभावनाएं भी कम हो जाती हैं। मौसम गर्म होने से पंजाब में कम दबाव के क्षेत्र लगातार बने रहेंगे, जिससे मानसून भी तेजी से पंजाब की ओर बढ़ेगा और अच्छी बारिश होगी। मानसून केरल से शुरू होकर पूर्वी राज्यों, बिहार, यूपी और हरियाणा होते हुए पंजाब में दाखिल होता है। अगर पंजाब कम गर्म रहेगा तो मानसून में बारिश भी कम होगी।

4000 किमी दूर से आने वाली हवाओं ने ठंडा किया

पश्चिम की ओर से आने वाले ऊपरी हवाओं के चक्रवात को पश्चिमी विक्षोभ कहा जाता है। इन हवाओं में नमी होती है और भू-मध्य सागर से भारत तक 4000 किमी का सफर तय करके आती हैं। इजराइल, सीरिया, तुर्की, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए ये हवाएं लगातार भारत में दाखिल होती रहती हैं। आमतौर पर यह जम्मू-कश्मीर में दाखिल होती हैं। यहां यह पर्वतीय इलाकों पर बर्फबारी और उत्तरी मैदानों पर बारिश करती हैं। मार्च के आखिरी हफ्ते से रुक-रुक कर मैदानी इलाकों में बारिश और पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। इसी के चलते अप्रैल पिछले दो सालों में कम गर्म है।

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