सख्ती से नहीं, कीमत समझने से बचेगा पानी, जागृति अभियान चलाना होगा, वाटर मीटर समय की जरूरत
पानी की वेस्टेज रोकने के लिए हर मोर्चे पर काम करना पड़ेगा। लोगों को जागरूक करना होगा, जरूरत पड़े तो सख्ती भी करनी चाहिए। ऐसा मानना है सिटी के जिम्मेदार नागरिकों का, जो इतवार भास्कर पैनल डिस्कशन में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए हर व्यक्ति को सोचना होगा। लोगों को पानी की कीमत भी समझनी होगी। शहरों में पानी की बर्बादी ज्यादा है। सिटी में पानी की बर्बादी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 400 एमएलडी पानी सप्लाई होता है और जरूरत 200 एमएलडी से भी कम है। जितना पानी सप्लाई होता है, उसका 30 फीसदी ही रेवेन्यू आता है। 5 मरले से कम के मकानों पर बिल नहीं लगा और लोग फ्री में मिले पानी की कीमत नहीं समझते। वाटर मीटर अब समय की जरूरत है। इससे तय हो जाएगा कि शहर में कितना पानी इस्तेमाल हो जाएगा और कितनी वेस्टेज है।
मुद्दा
जरूरत से ढाई गुणा ज्यादा सप्लाई हो रहा पानी, 60 प्रतिशत वेस्टेज
घर से ही शुरू करना होगा अभियान
भाजपा नेता किरण जगोता ने कहा कि पानी बचाने का अभियान घर से ही शुरू करना पड़ेगा। खुद जागरूक होंगे तो दूसरों के लिए प्रेरणा भी बन सकेंगे। अगर घर में गाड़ी धोते हैं तो इसका पानी री-यूज होना चाहिए। अंडरग्राउंड टैंक बनाने चाहिएं, जिनमें पानी इकट्ठा हो सके। आरओ से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल बगीचे, साफ-सफाई में किया जाना चाहिए। यहां तक कि गर्मियों में एयर कंडीशनर से निकलने वाला पानी भी कई काम आ सकता है। निगम ऐसा प्रबंध करे कि पीने के पानी की सप्लाई अलग हो और अन्य कामों के लिए ट्रीट किया पानी सप्लाई हो।
पानी बर्बाद करने वालों पर लगे भारी पेनल्टी: बालकृष्ण शर्मा
इंडस्ट्रियलिस्ट बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि पानी बचाने के लिए अनुशासन, जिम्मेवारी जितनी जरूरी है, उतना ही सरकार की सख्ती भी जरूरी है। जो लोग अपनी जिम्मेवारी से भाग रहे हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। मल्टी स्टोरी बिल्डिंग, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और सभी बड़ी कॉमर्शियल बिल्डिंग्स के लिए वाटर सेविंग के उपाय करना जरूरी हो और ऐसा न करने वालों पर सख्त एक्शन होना चाहिए।
पानी बचाने को होनी चाहिए सख्ती: जतिंदर
इलेक्ट्रिकल ट्रेडर जतिंदर सहगल ने कहा कि फगवाड़ा गेट मार्केट इस मामले में एकजुट है। पानी बचाने, सफाई के मामले में सबसे पहले कदम उठाती है। इसीलिए यह शहर की स्मार्ट मार्केट है। सभी बाजारों वाले इसे प्रेरणा के रूप में लें और पानी बचाने का अभियान चलाएं। सरकार की सख्ती की भी जरूरत है। लोग डर से भी काम करते हैं। पानी बचाने के लिए अगर सख्ती भी कर दी जाए तो कोई हर्ज नहीं है। फगवाड़ा गेट मार्केट एसोसिएशन इस पर काम करेगी और अन्य बाजारों में भी अपील करेगी कि वे पानी बचाने में सहयोग करें।
निगम का डंडा स्थायी हल नहीं : भूपेंद्र कुमार
कंज्यूमर राइट्स प्रोटेक्शन के लिए काम कर रहे हैं भूपेंद्र कुमार ने कहा कि जागृति अभियान सबसे जरूरी है। जब लोग खुद तय कर लेंगे कि पानी बचाना है और यह उनका कर्तव्य है, तभी मुहिम सफल हो पाएगी। उन्होंने कहा कि अनुशासन और जिम्मेवारी से ही पानी बच सकता है। नगर निगम और सरकार का डंडा कुछ देर के लिए इस पर रोक लगा सकता है लेकिन पक्के तौर पर पानी नहीं बचा सकता।
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, रिचार्ज वेल जरूरी
भाजपा काउंसलर वरेश मिंटू ने कहा कि शहर में 200 से ज्यादा लोकेशन एेसी हैं, जहां बरसात में पानी खड़ा होता है। इन सभी लोकेशंस पर रिचार्ज वेल होने चाहिए। पानी खुद-ब-खुद जमीन में जाना चाहिए। इससे वाटर लॉगिंग की समस्या हल होगी । हर बार बरसात में लोग पारेशान होते हैं लेकिन इसका हल नहीं हो रहा। सरकार इस इशू को पहल के आधार पर ले। निगम इसके लिए बजट रखे। बरसाती पानी जमीन में जाने से सीवरेज पर लोड कम होगा। सीवरेज बैक मारने की समस्या खत्म होगी। बरसाती पानी के पीने के मिक्स होने का खतरा भी कम हो जाएगा
सरकार माेहल्ला स्तर पर काम करे: तरविंदर
वाटर सेविंग पर काम कर रहे कारोबारी तरविंदर सिंह रिंकू ने कहा कि लापरवाही से पानी बर्बाद होता है। इसकी कीमत नहीं है, इसलिए लोग पानी नहीं बचाते। वे आरओ से निकलने वाले पानी को इस्तेमाल करने के लिए नि:शुल्क पाइप बांटने का काम कर रहे हैं। पानी बचाने को सरकारी स्तर पर योजना बननी चाहिए और मोहल्ला स्तर पर काम होना चाहिए। सामाजिक संस्थाएं सहयोग देने को तैयार हैं लेकिन पहल सरकार को ही करनी होगी।
हर वार्ड में पानी बचाने का अभियान चलाएंगे: सुमित जैन
कांग्रेस नेता सुमित जैन ने कहा कि जिस तरह लोग बिजली बचाते हैं और उसी तरह पानी कीमत भी समझानी होगी। पानी दुनिया की सबसे कीमती चीज है। पानी बचाने के लिए नॉर्थ हलके में वार्ड स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विधायक बावा हैनरी ने योजना भी तैयार की है। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। लोगों को जागरूक करना सबसे ज्यादा जरूरी है। सख्ती भी करनी चाहिए क्योंकि ऐसा न हो कि देर हो जाए।
400 एमएलडी पानी हो रहा सप्लाई, रेवेन्यू केवल 30 प्रतिशत का मिल रहा
एक्सपर्ट व्यू
लोग जिम्मेदारी समझें तो ही बचेगा पानी|नगर निगम के वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट के सुपरिंटेंडेंट मनीष दुग्गल ने कहा कि पानी बचाने के लिए सख्ती करना एक पहलू हो सकता है लेकिन पानी बचेगा सिर्फ जिम्मेदारी समझने से। पानी बचाने के लिए सभी पर बिल लगाना जरूरी है। सरकार वाटर टैरिफ पॉलिसी ला रही है। लोगों को यह समझना होगा कि उन्हें डर से नहीं बल्कि अपने लिए पानी बचाना है, तभी अभियान सफल होगा। इंफार्मेशन, अवेयरनेस और ड्यूटी पर काम करेंगे। स्कूली स्टूडेंट्स को समझाना होगा क्योंकि भविष्य वही हैं और जल्दी समझते हैं। कंस्ट्रक्शन वर्क पर ग्राउंड वाटर इस्तेमाल नहीं हो सकता लेकिन लोगों पर तभी सख्ती कर पाएंगे, जब उन्हें ट्रीट किए पानी देने का इंतजाम कर सकेंगे।