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जालोर के रेतीले टीलों पर चढ़ाई व नदियों की रेत पर दौड़ बना सकती है बेहतर एथलीट
भारतीय क्रॉस कंट्री में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके और विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रज्जाक जालोर पहुंचे
भास्कर न्यूज | जालोर
राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री में गोल्ड मेडलिस्ट और न्यूजीलैंड में आयोजित विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रज्जाक मोहम्मद का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाड़ी बनने से पहले एथलीट होना आवश्यक है। बेहतर एथलीट नहीं होगा तो खेल में अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल रहेगा।
जालोर दौरे के दौरान बुधवार को खेल स्टेडियम में भास्कर से विशेष बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि एथलीट बनने से ही स्टेमिना बेहतर होगा और अच्छा प्रदर्शन कर पाएगा। रज्जाक मोहम्मद स्वयं देश के विख्यात एथलीट रहे हैं और अब एथलेटिक्स से जुड़े खिलाडिय़ों को निशुल्क शिविर लगाकर गुर सिखाते हैं। जालोर में भी ग्रीष्मकालीन अवकाश में सात दिवसीय शिविर लगाकर एथलेटिक्स के खिलाडिय़ों को प्रशिक्षित करेंगे। इसी सिलसिले में वे बुधवार को जालोर आए थे। उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स के खिलाडिय़ों के लिए हर जगह संपूर्ण संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही टिप्स के अभाव में खिलाड़ी क्षमता के बावजूद बेहतर प्रदर्शन करने से चूक जाते हैं। इस मामले में मजबूत करने के लिए वे खिलाडिय़ों को गुर सिखा रहे हैं।
भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं रज्जाक : मूलत: जोधपुर निवासी रज्जाक मोहम्मद 1988 में राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री में गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे। 1989 में ऑकलैंड (न्यूजीलैंड) में आयोजित विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में जोधपुर के जालमसिंह का हत्था सीनियर विद्यालय में प्रशिक्षक है और जिले के कई खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में जिले के एथलेटिक्स से जुड़े खिलाडिय़ों को सात दिवसीय निशुल्क शिविर में गुर सिखाकर प्रशिक्षित किया जाएगा।
कठोर ट्रैक को छोड़कर बजरी रहती है फायदेमंद
रज्जाक मोहम्मद ने बताया कि प्रदेश में केवल दो स्थानों पर ही सिंथेटिक्स के ट्रैक बने हुए हैं। हर स्थान पर सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई बार खिलाड़ी शुरुआती प्रशिक्षण भी कठोर ट्रैक पर ले लेते हैं। जिससे उनके घुटनों तक दर्द चला जाता है, जो खिलाड़ी के जीवन के लिए घातक रहता है। उन्होंने बताया कि कठोर ट्रैक से बेहतर है कि किसी सूखी नदी क्षेत्र में दौड़ लिया जाए। बजरी में दौड़ने से स्टेमिना जबरदस्त हो जाता है। साथ ही कहीं टीले है तो उस पर चढ़ाई करने से भी खिलाड़ी को फायदा मिलता है।
प्रोत्साहन के कारण आज हरियाणा देश में सबसे आगे
रज्जाक मोहम्मद ने कहा कि देश में खिलाडिय़ों की बात करें तो हरियाणा का देश में सबसे पहले नंबर आता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देना शुरू किया तब से अच्छे खिलाड़ी सामने आए हैं। राजस्थान सरकार को भी ऐसे कदम उठाने चाहिए ताकि खिलाडिय़ों का हौंसला बढ़ सके।