पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • ब्याज और परिपक्वता राशि भुगतान के लिए बचत खाते की अनिवार्यता खत्म

ब्याज और परिपक्वता राशि भुगतान के लिए बचत खाते की अनिवार्यता खत्म

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
डाक विभाग ने सभी बचत योजनाओं पर ब्याज और परिपक्वता राशि के भुगतान के लिए बचत खाते की अनिवार्यता खत्म कर दी है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि एमआईएस (मंथली इनकम स्कीम), एससीएससी (सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम) और आरडी (रिक्यूरिंग डिपॉजिट) आदि सभी स्कीम के लिए अब ग्राहक किसी भी प्रकार का बचत खाता खोलने के लिए बाध्य नहीं होंगे। उन्हें सभी राशियों का भुगतान चेक या नकद में करना होगा। विभाग ने साल की शुरुआत में जारी किया आदेश भी वापस ले लिया है। पहले विभाग ने यह अनिवार्य कर दिया था कि किसी भी बचत खाते पर परिपक्वता राशि या ब्याज का भुगतान कैश या चेक से नहीं किया जाए। सभी ग्राहक ऐसी योजनाओं के फायदे के लिए सेविंग अकाउंट खुलवाएं। इसी खाते में राशि ट्रांसफर की जाए।

ग्राहकों को परेशानी का करना पड़ रहा था सामना : डाक विभाग के नए फैसले से ग्राहकों ने राहत की सांस ली है। अधिकांश ग्राहकों को बचत खाते की अनिवार्यता से परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बचत खातों में देरी से परिपक्वता अवधि समाप्त होने के बावजूद कई ग्राहकों को योजना का लाभ नहीं मिलता था। डाक विभाग के फरमान से कई ग्राहकों ने डाकघर में बचत खाते खोल लिए हैं। इस दौरान कागजी खानापूर्ति में उनका काफी समय और पैसा बर्बाद हुआ।

ग्राहकों को अब ब्याज भी नकद मिलेगा : बचत योजनाओं में 20 हजार से ज्यादा की परिपक्वता का भुगतान चेक से होता है। इससे कम की राशि ग्राहकों को नकद मिलती है।

खबरें और भी हैं...