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सिरोही में पीसीवी वैक्सीन की आज से होगी शुरुआत

3 वर्ष पहले
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बच्चों को निमोनिया से प्रतिरक्षित करने के लिए राज्य स्तर पर पीसीवी वैक्सीन का शुभारंभ शनिवार को किया जाएगा। इसके बाद सिरोही जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में पीसीवी वैक्सीन शुरु कर दिया जाएगा। सिरोही के अलावा राज्य के 8 ओर जिलों बाड़मेर, पाली, जालोर, राजसमंद, उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा में भी पीसीवी वैक्सीन नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत सम्मिलित किया गया है। सिरोही जिला वैसी भी उच्च प्राथमिकता वाले जिले की श्रेणी में आता है। यहां पर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की उच्च मृत्यु दर है, जिससे कारण जन्म दर भी उच्च है। प्रत्येक बच्चे को सही समय पर टीका लगा कर प्रति रक्षित किया जाए, जिससे प्रतिरक्षित बीमारियों से बच्चों में होने वाली मृत्यु को रोका जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुशील कुमार परमार ने बताया कि निमोनिया एवं डायरिया से 5 वर्ष से छोटे बच्चों में मृत्यु के प्रमुख कारण है। वर्ष 2015 के अनुमान से अनुसार भारत में हर 1000 नवजात शिशुओं में से 7 की निमोनिया से मृत्यु हो जाती है। स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया यानी न्यूमोकोकस बैक्टीरिया निमोनिया का एक मुख्य कारण है। पीसीवी न्यूमोकोकल कॉन्ज्यूगेट वैक्सीन न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाले न्यूमोनिया एवं अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है। इस वैक्सीन से इस्तेमाल से बच्चों में निमोनिया बीमारी और बाल मृत्यु दर में काफी कमी आएगी। पीसीवी महंगी वैक्सीन है, जो अभी तक केवल निजी क्षेत्र में उपलब्ध है और प्रति डोज 3000 से 4000 रुपए है।

कब-कब लगेगा टीका

पीसीवी का 6 सप्ताह, 14 सप्ताह और 9 माह पूर्ण होने पर टीका लगाया जाएगा। एक डोज 0.5 एमएल की होगी। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। वर्तमान में 141 देशों एवं भारत में हिमाचल प्रदेश, उतर प्रदेश और बिहार के चयनित जिलों राष्ट्रीय नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत लगाया जा रहा है।

सिरोही के अलावा राज्य के 8 जिलों को किया शामिल, बच्चों को निमोनिया से बचाने में काम आएगी वैक्सीन
क्या है न्यूमोकोकस बैक्टीरिया
न्यूमोकोकस, जिसे स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया भी कहते है, एक बैक्टीरिया है, यह स्वस्थ लोगों के नाक और गले में बिना कोई बीमारी किए हुए भी पाया जाता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और कई बीमारियों जैसे निमोनिया, बैक्टेरीमिया, सेप्सिस (खून का इंफेक्शन), बैक्टीरीयल मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार), ओटाइटिस मीडिया (कान का इन्फेक्शन), साइन्यूसाइटिस, ब्रॉन्काइटिस आदि करता है। न्यूमोकोकल बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को खांसने और छींकने से फैलती है। यह बैक्टीरिया 5 साल से छोटे बच्चों को खासकर 2 साल से छोटे बच्चों, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों में अधिक होता है।

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