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किसानों ने आहोर में गेहूं खरीद केंद्र खोलने की मांग उठाई, बोले- नहीं तो मजबूरन जाना पड़ेगा सुमेरपुर मंडी

3 वर्ष पहले
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आहोर खरीद केन्द्र पर गेंहूं की फसल तुलाई नहीं होने से किसानों को जाना पड़ेगा सुमेरपूर मंडी

भास्कर न्यूज | गुड़ा बालोतान

कस्बे समेत आस पास के गांवों में पैदा हुई गेहूं की फसल को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसानों को पूर्व की तरह इस बार भी सुमेरपुर कृषि मंडी में ही जाना पड़ेगा। आहोर कृषि मंडी में सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही रायड़े व चने की फसल की तर्ज पर गेहूं की फसल तुलाई शुरू की जाए तो हजारों किसान अपनी गेहूं की फसल नजदीक के खरीद केन्द्र पर बेचान कर सकते हैं। हालांकि आहोर खरीद केन्द्र पर सरकारी समर्थन मूल्य पर गेंहूं फसल की तुलाई करवाने को लेकर सांसद व आहोर विधायक से मांग की गई है। किसान नेताओं के अलावा आहोर क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से प्रस्ताव बनवाकर राजफैड जोधपुर एवं संबंधित विभाग व मंत्रालय में भेजा है। माना जा रहा है कि इस बार कृषि कुंओं का जलस्तर अच्छा रहने एवं जवाई कमांड क्षेत्र में जवाई से सिंचाई की चार पाण का पानी मिलने से किसानों ने करीबन 14 हजार हैक्टेयर ऐरिया में गेहूं फसल की खेती की है। गेंहूं फसल का उत्पादन प्रति हैक्टेयर 25 से 30 क्विंटल माना गया है। इस बार चने की तर्ज पर गेंहूं का उत्पादन एक लाख क्विंटल से भी कई ज्यादा होने का अनुमान है। किसानों की माने तो इस वर्ष रायड़े की खेती कम होने से रायड़ा पिछले वर्ष की तुलना में कम पैदा हुआ है।

जनप्रतिनिधि व सहकारिता मंत्री चाहे तो आहोर खरीद केन्द्र पर शुरू हो सकती है गेंहूं की खरीद : आहोर खरीद केन्द्र पर वर्तमान में चना व रायड़े की फसल खरीद की जा रही है। जिसमें चने की बम्पर पैदावार होने से ऑनलाईन पंजीयन करवाने पर चना फसल तुलाई के लिए तीन से चार दिन के बाद का समय मिल रहा है। जबकि रायड़े की आवक कम रहने से जिस दिन पंजीयन करवाया जाता है उसी दिन या उसके अगले दिन ही फसल तुलाई की जा रही है। इसका मतलब है कि रायड़े का ऑनलाईन पंजीयन कम रहने से फसल तुलाई के लिए इतनी मात्रा में नहीं आएगी।

आने वाले दो चार दिनों बाद रायड़ा फसल तुलाई का कांटा भी फ्री हो जाएगा। वैसे भी सुमेरपुर मंडी के लिए ऑनलाईन पंजीयन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और इससे पहले आहोर विधायक व सांसद किसानों के लिए भरसक प्रयास करे तो शायद सहकारिता मंत्री आहोर खरीद केन्द्र पर गेंहूं फसल के लिए बारदान उपलब्ध करवाकर फसल तुलाई शुरू करवा सकते हैं।



आहोर खरीद केन्द्र पर गेंहूं की फसल तुलाई नहीं होने से किसानों को जाना पड़ेगा सुमेरपूर मंडी

भास्कर न्यूज | गुड़ा बालोतान

कस्बे समेत आस पास के गांवों में पैदा हुई गेहूं की फसल को सरकारी समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसानों को पूर्व की तरह इस बार भी सुमेरपुर कृषि मंडी में ही जाना पड़ेगा। आहोर कृषि मंडी में सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही रायड़े व चने की फसल की तर्ज पर गेहूं की फसल तुलाई शुरू की जाए तो हजारों किसान अपनी गेहूं की फसल नजदीक के खरीद केन्द्र पर बेचान कर सकते हैं। हालांकि आहोर खरीद केन्द्र पर सरकारी समर्थन मूल्य पर गेंहूं फसल की तुलाई करवाने को लेकर सांसद व आहोर विधायक से मांग की गई है। किसान नेताओं के अलावा आहोर क्रय विक्रय सहकारी समिति की ओर से प्रस्ताव बनवाकर राजफैड जोधपुर एवं संबंधित विभाग व मंत्रालय में भेजा है। माना जा रहा है कि इस बार कृषि कुंओं का जलस्तर अच्छा रहने एवं जवाई कमांड क्षेत्र में जवाई से सिंचाई की चार पाण का पानी मिलने से किसानों ने करीबन 14 हजार हैक्टेयर ऐरिया में गेहूं फसल की खेती की है। गेंहूं फसल का उत्पादन प्रति हैक्टेयर 25 से 30 क्विंटल माना गया है। इस बार चने की तर्ज पर गेंहूं का उत्पादन एक लाख क्विंटल से भी कई ज्यादा होने का अनुमान है। किसानों की माने तो इस वर्ष रायड़े की खेती कम होने से रायड़ा पिछले वर्ष की तुलना में कम पैदा हुआ है।

जनप्रतिनिधि व सहकारिता मंत्री चाहे तो आहोर खरीद केन्द्र पर शुरू हो सकती है गेंहूं की खरीद : आहोर खरीद केन्द्र पर वर्तमान में चना व रायड़े की फसल खरीद की जा रही है। जिसमें चने की बम्पर पैदावार होने से ऑनलाईन पंजीयन करवाने पर चना फसल तुलाई के लिए तीन से चार दिन के बाद का समय मिल रहा है। जबकि रायड़े की आवक कम रहने से जिस दिन पंजीयन करवाया जाता है उसी दिन या उसके अगले दिन ही फसल तुलाई की जा रही है। इसका मतलब है कि रायड़े का ऑनलाईन पंजीयन कम रहने से फसल तुलाई के लिए इतनी मात्रा में नहीं आएगी।

आने वाले दो चार दिनों बाद रायड़ा फसल तुलाई का कांटा भी फ्री हो जाएगा। वैसे भी सुमेरपुर मंडी के लिए ऑनलाईन पंजीयन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है और इससे पहले आहोर विधायक व सांसद किसानों के लिए भरसक प्रयास करे तो शायद सहकारिता मंत्री आहोर खरीद केन्द्र पर गेंहूं फसल के लिए बारदान उपलब्ध करवाकर फसल तुलाई शुरू करवा सकते हैं।



इस बार गेहूं का उत्पादन रिकार्ड स्तर पर, केंद्र नहीं खुला तो किसानों को उठाना पड़ेगा नुकसान

गेहूं फसल के अच्छे दाम मिले तो दूर जाना नहीं पड़ेगा

जवाई कमांड क्षेत्र के २२ राजस्व गांवों में जवाई नहर से सिंचित व कुओं का जलस्तर बढ़ने पर होने वाले रकबों में गेहूं की अच्छी पैदावार होना बताया जा रहा है। इस बार गेहूं के अच्छे उत्पादन ने किसानों की चिंताए बढ़ा दी है। वैसे क्षेत्र के किसान गेहूं की फसल को बेचने के लिए लंबे अर्से से सुमेरपुर कृषि मंडी पर ही निर्भर है। वहां पर जालोर जिले के जो गांव सुमेरपुर मंडी से जुड़े हुए हैं। केवल उन्हीं गांवों के किसानों की फसलें सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद की जाती है जो गांव सुमेरपुर मंडी से जुड़े हुए नहीं है उन गांवों के किसानों को मंडी में दलालों व बिचौलियों के हाथों आधे पौने दामों में गेहूं की फसल को बेचना पड़ता है। जिले के गांवों से सुमेरपुर मंडी तक फसले ले जाने का खर्चा मिला दिया जाए तो किसान के गेहूं के दाम मुश्किल से किस्म के अनुसार १३००-१५०० के आस पास ही मिलते हंै, जबकि गेहूं की फसल का सरकारी समर्थन मूल्य १७३५ रुपए निर्धारित किया गया है तथा सुमेरपुर मंडी में गेहूं खरीद केन्द्र करीबन २५ अप्रैल से शुरू होने की संभावना बताई जा रही है।

इनका कहना

आहोर क्षेत्र में कृषि कुओं व जवाई नहर से सिंचित करीब १४ हजार हैक्टेयर ऐरिया में गेहूं फसल की बुवाई की गई है तथा गेंहूं की फसल का उत्पादन २५ से ३५ क्विंटल तक होता है। इस हिसाब से आहोर क्षेत्र में दो लाख क्विंटल से अधिक गेहूं का उत्पादन हो सकता है। - नागरमल यादव, सहायक निदेशक कृषि विस्तार जालोर

आहोर खरीद केन्द्र पर वर्तमान में चना व रायड़े की खरीद की जा रही है। जिसमें चने की फसल का पंजीयन अधिक होने से किसानों को पांच से सात दिन का टाईम मिल रहा है। जबकि रायड़े का पंजीयन करवाने पर उसी दिन या अगले दिन का मैसेज आ रहा है। इससे जाहिर होता है कि किसानों द्वारा रायड़े का पंजीयन नहीं करवाया जा रहा है। गेंहूं फसल खरीद शुरू करवाने के लिए समिति की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है। - जमना मेघवाल, जनरल मैनेजर, आहोर मार्केटिंग सोसायटी आहोर

आहोर खरीद केन्द्र पर अगर गेंहूं की फसल तुलाई का काम शुरू हो जाए तो जवाई कमांड के २२ राजस्व गांवों के साथ साथ जहां पर भी कृषि कुओं से सिंचित रकबों में गेंहूं फसल का उत्पादन हुआ है। उसे बेचने के लिए ४५ से ५० किमी दूरी पर सुमेरपुर मंडी नहीं जाना पड़ेगा। सरकारी समर्थन मूल्य १७३५ रुपए पूरा दाम भी मिल जाएगा। - लहराराम चौधरी बिठूडा, लालसिंह राजपुरोहित गुडा बालोतान, शांतिलाल सुथार किसान अगवरी।

इस बार रायड़े की तुलना में जवाई नहरी क्षेत्र व कृषि कुओं से सिंचित रकबों में गेंहूं का अच्छा उत्पादन हुआ है। पहले किसानों को गेहूं फसल बेचने के लिए सुमेरपुर मंडी में जाना पड़ता था। अब आहोर में खरीद केन्द्र शुरू हो चुका है तो चना व रायड़े के साथ साथ अगर गेहूं की फसल खरीद की जाती है तो क्षेत्र के किसानों को खूब फायदा होगा। - ईश्वरसिंह थुम्बा, किसान नेता आहोर

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