पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

माह-ए-रमजान को लेकर बाजारों में रही चहल-पहल

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इबादत और नेकियों का महीना यानी रमजान शुरू होने का अकीदतमंद बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बुधवार शाम मौसम के करवट लेने से आसमान में बादल छा गए, नतीजतन यहां चांद का दीदार मुश्किल था। लेकिन, सउदी अरम में चांद दिख गया जिके बाद अब गुरुवार से रमजान शुरू होगा। वहीं चांद दिखने की सूचना मिलते ही जामताड़ा में खुशी की लहर दौड़ गई। हालांकि, जिले भर के तमाम मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बुधवार से ही रौनक है। इफ्तार और शहरी में खाए जाने वाले समानों की दुकानें सज गई हैं और खरीददारी भी खूब हो रही है। जामताड़ा के सुभाष चौक जामा मस्जिद के इमाम मौलाना नजीरूद्दीन ने बताया बुधवार को चांद नहीं दिखा है। अब गुरुवार को चांद का दिखने का इंतजार है। चांद दिखने के साथ ही तरावीह की नमाज के साथ रमजान शुरू हो जाएगा। जिले भर के तमाम मुस्लिम इलाके में बुधवार को लोग देर शाम तक अपने अपने घरों की छतों पर से चांद देखे जाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसके बाद लोग टीवी और एक-दूसरे से मोबाइल के जरिए चांद के एलान के बारे में तसदीक का प्रयास करने में लगे रहे। देर शाम जब चांद नहीं देखे जाने और रमजान का पहला रोजा शुक्रवार से रखने का ऐलान किया गया तो लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकवाद देना शुरू कर दिया। रमजान को लेकर लोगों में उत्साह और उमंग का माहौल है। वहीं अल्पखंख्यक बालिका विद्यालय पाकडीह के हाफिज नाजीर ने कहा कि रोजा रखने का मतलब भूखा-प्यासा रहना नहीं, बल्कि अपने आप को सभी तरह की बुराइयों से रोकना है। रोजा रखने के बाद गंदी बातों की तरफ जाना तो दूर उसके बारे में सोचना भी गुनाह है। खराब सोच कर, झूठ या तकलीफ पहुंचाने वाली बात कह कर पीठ पीछे बुराई करके रोजा नहीं रखा जा सकता। रमजानुल मुबारक का महीना साल में एक बार रहमत व बरकत की बारिश के साथ ही गुनाहों की मगफिरत की सौगात लेकर आता है।

खबरें और भी हैं...